पश्चिम बंगाल भीड़ हिंसा पर मिलेगी सजा-ए-मौत, विधानसभा में पास हुआ बिल

पश्चिम बंगाल विधानसभा में भीड़ द्वारा हमला किए जाने और लिंचिंग यानी लोगों की पीट-पीटकर भीड़ द्वारा हत्या करे जाने की घटनाओं पर रोकथाम के लिए शुक्रवार को एक विधेयक पारित करा है जिसे अब इस तरीके सभी कृतियों को अपराध की श्रेणी में डाल दिया गया है.

बताया जा रहा है कि शुक्रवार को इस मामले को लेकर सदन में पश्चिम बंगाल में लिंचिंग रोकथाम विधेयक पेश किया गया और विपक्षी माकपा और कांग्रेस ने भी इस विधेयक का समर्थन करा है और इस विधेयक को पारित कर दिया गया है. वहीं आपको बता दें कि मुख्य विपक्षी दल के रूप में ऊपरी भारतीय जनता पार्टी ने इस विधेयक के ना तो समर्थन किया और ना ही विरोध किया क्योंकि उसे लगता है कि इस कानून का उपयोग राजनीतिक तौर पर फायदा उठाने के लिए करा जा सकता है.

वहीं दूसरी और विधेयक पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सदन में कहा कि लिंचिंग एक सामाजिक बुराई है और हम सभी को इसके खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष करने कि आज जरूरत है.

वहीं इसके अलावा उच्चतम न्यायालय ने लिंचिंग के खिलाफ कार्यवाही करने के निर्देश भी जारी करें हैं उन्होंने कहा है कि केंद्र सरकार को इसके विरुद्ध कानून लेकर आना चाहिए क्योंकि अब उसने अब तक ऐसा नहीं किया है और इसलिए हम सामाजिक बुराई के खिलाफ संघर्ष के लिए अपने राज्य में यह कानून लेकर आ रहे हैं.

आपको बता दें कि इस कानून के अंतर्गत मारपीट और पीड़िता को घायल करने के अपराध पर 3 साल के कारावास आजीवन कैद तक के प्रावधान बताए गए हैं. वहीं इस विधेयक में कहा गया कि यदि ऐसी मारपीट में पीड़ित व्यक्ति की जान चली जाती है तो इसके जिम्मेदार व्यक्तियों को मृत्युदंड या आजीवन सश्रम कारावास और ₹500000 तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है.

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