West Bengal Violence: गृह मंत्रालय की चेतावनी, हिंसा को लेकर ममता से मांगी रिपोर्ट

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में चुनाव नतीजे घोषित होने के बाद राज्य में हिंसा भड़क गई। इस हिंसा में कई लोगों की जान भी चली गई और कई लोग घायल भी हो गए हैं। इसी को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल की मु्ख्यमंत्री ममता बनर्जी से इस पूरी घटना पर रिपोर्ट मांगी है। वहीं गृह मंत्रालय ने चेतावनी देते हुए ये बी कहा है कि राज्य सरकार द्वारा रिपोर्ट नहीं भेजने की सूरत में इस मामले को गंभीरता से लिया जाएगाl

हिंसा पर गृह मंत्रालय ने मांगी रिपोर्ट

पश्चिम बंगाल में TMC की जीत के बाद पूरे राज्य में बवाल शुरु हो गया था। इस हिंसा में भारतीय जनता पार्टी का पार्टी दफ्तर भी फूंक दिया गया था। इसके अलावा कई लोगों की जान भी जा चुकी है। इसी को देखते हुए गृह मंत्रालय ने राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से पूरी घटना पर रिपोर्ट देने को कहा है। अधिकारियों के मुताबिक राज्य सरकार से समय गवांए बिना ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कदम उठाने को भी कहा गया है। बुधवार को भेजे गए रिमाइंडर में गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव से कहा कि तीन मई को राज्य में चुनाव के बाद हुई हिंसा पर तत्काल रिपोर्ट तलब की गई थी।

बवाल को रोकने के लिए तत्काल उठाए जाए कदम

गृह मंत्रालय की तरफ से जो पत्र भेजा गया है उसमें कहा गया है कि पश्चिम बंगाल में हिंसा की घटनाएं नहीं रुकी हैं और इसका अभिप्राय है कि राज्य सरकार इसे रोकने के लिए सख्त कदम नहीं उठा रही है। मंत्रालय द्वारा भेजे गए पत्र में कहा गया कि इसलिए बिना समय गवाएं इन घटनाओं को रोकने के लिए तत्काल जरूरी कदम उठाने की जरूरत है और इस पूरे मामले की तत्काल रिपार्ट गृह मंत्रालय को भेजी जानी चाहिए। इसके अलावा पत्र मेंये भी कहा गया है कि अगर राज्य सरकार रिपोर्ट नहीं भेजती है तो इस मामले को गंभीरता से लिया जाएगा।

मुख्यमंत्री बनते ही किए फेरबदल

पश्चिम बंगाल की तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद ममता बनर्जी एक्शन में आ गई हैं। राज्य में पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल करते हुए 29 वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का तबादला कर दिया। इनमें से अधिकतर का चुनाव से पहले निर्वाचन आयोग ने तबादला कर दिया था। इसके अलावा राज्य सरकार ने कूच बिहार जिले के पुलिस अधीक्षक देबाशीष धर को निलंबित कर दिया है। बता दें कि कूच बिहार की सीतलकूची सीट पर 10 अप्रैल को हुए मतदान के दौरान CRPF की कथित गोलीबारी में चार लोग मारे गए थे।

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