आज बनाएंगे चिड़िया की तस्वीर तो होगा दिमाग पे ये चौकाने वाला चमत्कार

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क्या और क्यों है “Draw A Bird Day”??

1943 में, डोरी कूपर, एक 7 साल की चंचल लड़की जोकि इंग्लैंड में रहती थी. उसकी माँ उसे एक दिन हॉस्पिटल ले गयी जहा उसके अंकल एडमिट थे जिन्हें युद्ध ने घयल कर दिया था. डोरी ने देखा अपनी एक टांग लैंड माइन में खो चुके उसके अंकल अकेले नही थे, ढेरो सैनिको और  उदासीनता उनके साथ ही थी. उन् दोनों का साथ डोरी को अच्छा ना लगा तो सिर्फ उस दुष्ट उदासीनता को भागने के लिए ,उसे कुछ और समझ ना आया तो वो बोली,”Draw a bird for me, please”. अंकल उदास थे लेकिन डोरी को उदास नही करना चाहते थे इसीलिए चुपचाप उसकी बात मान ली. खिड़की से बहार देख ,बाहर बैठे राबिन की तस्वीर बना दी.

तस्वीर देखते ही डोरी की हसी नही रुकी, उसने कहा,”आप आर्टिस्ट तो बोहत ख़राब है फिर भी ये मेरे कमरे में अच्छी लगेगी”. ये देख के डोरी के अंकल को खुशी दो बातो की थी पहली तो ये की डोरी खुश थी
और
दूसरी अपनी भावनाओ को लेके डोरी की इमानदारी.
कुछ ही देर में इस घटना से उस अस्पताल के सभी युद्ध से घयल सैनिक “खुशी की बीमारी” से ग्रसित हो गये. अब डोरी जब भी आती वे सब “DRAW A BIRD” का कम्पटीशन करते और बेहतर चित्र ढूँढने की कोशिश करते.
कुछ ही समय में उस अस्पताल की दीवारे BIRD PICTURES से भर गयी.

3 साल बाद, डोरी की कार दुर्घटना में मौत हो गयी. उसका अंतिम संस्कार, लोगो से ज्यादा उन BIRD PICTURES से भरा था जो की उस अस्पताल के डॉक्टर्स ,नर्स और सैनिको ने बनाई थी. इसके बाद से डोरी, जिसने बस एक बर्ड की तस्वीर बनवा कर पता नही उस वार्ड में मौजूद कितनो को ही, कितनी ही उम्मीदे दे दी. उसके बाद से हॉस्पिटल के लोग डोरी के जन्मदिन 8 अप्रैल को “ड्रा अ बर्ड” डे कहके मानाने लगे.

इस दिन को कभी ऑफिसियल हॉलिडे तोह नही मन गया लेकिन उन सैनिको और अस्पताल के कर्मचारियो के परिवारों में एक परंपरा की तरह बढ़ता रहा.

आज विश्व भर में इसे “Draw A Bird Day” कहके बुलाते और मानते है. ये दिन हम भटके हुए इंसानों को बस ये याद दिलाता है की कैसे खुशीया छोटे से रूप में होती हमारे सामने,हमारे साथ ही है लेकिन हम पगलेटो का पागल दिमाग, हमारा साथ छोडके जाने कहा कहा टहलता रहता है खुशियो की तलाश में. हम भूल जाते है की ढूंढा उसे जाता है जो की खो जाता है. लेकिन खुशिया? वे तो हर पल हर लम्हा साथ साथ चलती है. कभी वक्त निकालकर, थोड़ा ठहरकर महसूस ज़रूर करियेगा.

कैसे मनाये “Draw A Bird Day”??

आपने ये तो सुना होगा-

“गाना आये या ना आए, गाना गाना चाहिए”

बस इसी तरीके से चित्र बनाना आए या ना आये पर चित्र बनाईये और शेयर कीजिये. आपको खुशी मिलेगी और आपका तिरछा मिर्चा BIRD PICTURE देख के किसी और को.

कुछ तस्वीरे जो आपका मनोबल बढ़ाएंगी-

 

 

 

 

 

 

 

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