Oxygen पर सरकार के इस कदम का क्या होगा बेबस अवाम पर असर ?

नई दिल्ली : आज देश भर में Oxygen की किल्लत है। इसी वजह से कई अपनी जान से हाथ धो चुके हैं और अस्पताल को तरसते कई लोग अपनी आखरी साँस के लिए मशक्कत भी कर रहे हैं। इस बेबसी के बीच आई एक चौकाने वाली खबर जिससे हंगामा मच गया है।

कोरोना वायरस पेण्डामिक के इस दौर में जहाँ सेंट्रल और स्टेट की हुकमतों में ऑक्सीजन को लेकर खींचतान मची है। वहीँ इसी दौरान  आये आकड़ों की माने तो भारत ने 2020-21 फिस्कल ईयर की पहली तीन तिमाहियों में 9,294 मीट्रिक टन के करीब ऑक्सीजन एक्सपोर्ट की है।

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असल में पूरा मसला यह है की डिपार्टमेंट ऑफ़ कॉमर्स (वाणिज्य विभाग) के आकड़ों के अनुसार सरकार ने पेण्डामिक के दौरान भी ऑक्सीजन के एक्सपोर्ट में बढ़ोत्तरी करते हुए इसे पिछले साल के एक्सपोर्ट से दुगना कर दिया है। जानकारों की माने तो एक्सपोर्ट किया गया यह ऑक्सीजन लिक्विड ऑक्सीजन था, जिसे इंडस्ट्रियल के साथ साथ मेडिकल के कामों के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता था।

बांग्लादेश ने खरीदी है सबसे ज़्यादा Oxygen

इस खबर के मीडिया में आते ही बवाल मच गया। न्यूज़ एजेंसी एएनआई के मुताबिक आननफानन में सरकार ने अपनी सफाई में एक बयान जारी कर कहा की जो ऑक्सीजन बाहर भेजी गयी है वह इंडस्ट्रियल ग्रेड की थी। इससे मेडिकल ग्रेड ऑक्सीजन का कोई लेनादेना नहीं है।

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