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Citibank के इस कदम का क्या होगा एम्प्लॉईज़ और कस्टमर्स पर असर ?

नई दिल्ली : Citibank ने अपनी ग्लोबल बिजनेस स्ट्रैटेजी के तहत एशिया, यूरोप, मिडिल ईस्ट और अफ्रीका के 13 इमर्जिंग मार्केट्स में फैले अपने रिटेल बैंकिंग बिजनेस को समेटने का फैसला कर लिया है। जिसके बाद अब सिटीग्रुप भारत, ऑस्ट्रेलिया, बहरीन, चीन, इंडोनेशिया, साउथ कोरिया, मलेशिया, फिलीपींस, पोलैंड, रूस, ताइवान, थाईलैंड और वियतनाम में अपने कंज्यूमर बिजनेस से एग्जिट कर जाएगा।

जानकारों की माने तो सिटी बैंक भारत सहित इन देशों में अपने रिटेल बिजनेस को पूरी तरह से बंद नहीं कर रहा है, बल्कि इससे बाहर निकल रहा है। अपने इस कदम के बावजूद बैंक इन देशों में अपना होलसेल बिजनेस जारी रखेगा। सिटीबैंक के ऑफिशियल्स ने मीडिया को दिए अपने बयान में बताया कि Citibank भारत के अपने रिटेल और कंज्यूमर बिजनेस को बेचने के लिए एक उम्दा खरीदार तलाश रहा है।

Citibank के 12 लाख के करीब कस्टमर्स हैं

सिटीबैंक के ऑफिशियल्स के इस बयान को माने तो बैंक के इस फैसले का सिटीबैंक के मौजूदा कस्टमर्स और बैंक में काम करने वाले एम्प्लॉयीज पर कोई असर नहीं पड़ेगा। लेकिन खबर है यह असर सिर्फ तब तक नहीं होगा जब तक बैंक अपना रिटेल और कंज्यूमर बिजनेस बेच नहीं देती। इस कड़ी में सिटीबैंक अब भारत में अपने रिटेल बिजनेस का खरीदीर तलाशेगी और इसके लिए सरकारी एजेंसिओं से जरूरी रेगुलेटरी परमिशन लेगी। जानकारों की माने तो इस कदम के बाद बैंक भारत के अपने होलसेल बिजनेस पर फोकस करेगा और इनमें तगड़ा इन्वेस्टमेंट भी करेगा। इस मसले में आकड़ों पर नज़र डालें तो पता चलेगा की पिछले साल मार्च तक भारत में बैंक के 29 लाख रिटेल कस्टमर्स थे। इसी के साथ-साथ 35 ब्रांच और उन्नीस हज़ार एम्प्लॉय वाले इस बैंक में बारह लाख अकाउंट होल्डर्स और बाइस लाख क्रेडिट कार्ड यूज़र्स हैं।

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