future के फ्यूचर पर क्या होगा आरबीआई की इस मंज़ूरी का असर, जानने के लिए पढ़ें खबर

नई दिल्ली : सर से पाँव तक कर्ज के दलदल में डूबी future रीटेल लिमिटेड और फ्यूचर एंटरप्राइज के डेब्ट रेकास्ट प्लान को केवी कामत कमेटी से मंज़ूरी मिल गई है।

मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक, केवी कामत कमेटी के इस फैसले से कंपनी मैनेजमेंट को बड़ी राहत मिलेगी। इस मसले के जानकारों की माने तो इस प्लान के तहत फ्यूचर ग्रुप की क़र्ज़ में डूबी इन दोनों कंपनियों को अब अपना कर्ज चुकाने यानी लोन रीपेमेंट के लिए 2 साल का एक्स्ट्रा समय मिल जाएगा।

इस मंज़ूरी के बाद अब कंपनी का बकाया ब्याज एफआईटी लोन में कन्वर्ट कर दिया जायेगा, और इसपर लगे जुर्माने भी माफ़ कर दिए जाएंगे। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि फ्यूचर रिटेल के लेंडर्स ने कंपनी के लोन रीकास्ट प्लान को पहले ही मंजूरी दे दी थी। इसके बाद इसे मंजूरी के लिए आरबीआई की केवी कामत समिति के भेजा गया था। जिसने अब इसपर अपनी सहमति दे दी है। जानकारों की माने तो  इस प्लान में  फ्यूचर द्वारा जुटाया गया नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर भी शामिल होगा। और इसे भी रीकास्ट किया जाएगा। हाल में जारी हुए केयर रेटिंग्स के आंकड़ों के मुताबिक कंपनी पर बैंकों का 6,278 करोड़ रुपये बकाया है।

future रीटेल के खातिर भिड़ गए थे बेज़ोस और अम्बानी

आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि पिछले साल अगस्त में मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस रीटेल वेंचर्स ने फ्यूचर ग्रुप के रिटेल कारोबार को खरीदने के लिए एक सौदा किया था। लेकिन तब इस सौदे से नाराज़ ई-कॉमर्स कंपनी एमेजॉन ने इसे अदालत में चुनौती दे दी थी। यह मामला पर सुप्रीम कोर्ट में 27 अप्रैल को सुनवाई होगी।

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