पहली बार राज्यसभा में अमित शाह का भाषण, बोले – ‘पकौड़े’ वाले का बेटा भी उद्योगपति बन सकता है

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नई दिल्ली। बीजेपी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद अमित शाह ने आज संसद में अपना पहला भाषण दिया। इस दौरान उन्होंने देश के कुछ मुख्य मुद्दों पर चर्चा की साथ ही विपक्ष पर जमकर बरसे। अपने पहले भाषण में शाह ने कहा कि हमें विरासत में गड्ढे मिले थे। मोदी सरकार का बहुत सारा समय गड्ढे भरने में ही गया है। अमित शाह ने यूपीए सरकार के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि इस दौरान देश में भ्रष्टाचार का बोलबाला था और देश पॉलिसी परैलिसिस का शिकार रहा।

2014 में जनता का आदेश ऐतिहासिक था

शाह ने कहा कि इस देश की जनता ने कभी कांग्रेस को बहुमत दिया लेकिन पिछली सरकारों में भ्रष्टाचार का बोलबाला था। ये सरकार अंत्योदय के सिद्धान्तों पर चल रही है। जो 60 सालों में नहीं हुआ वो अब हो रहा है। उन्होंने सदन के सभापति को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले 30 सालों में जनता ने किसी पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं दिया था। 2014 में जनता का आदेश ऐतिहासिक था।

2013 में देश के लोगों में भय का माहौल था

राज्यसभा सांसद अमित शाह ने आगे कहा कि, 2013 में देश के लोगों में भय का माहौल था। सीमा पर असुरक्षा का माहौल था। 30 साल से इस देश में अस्थिरता थी। राष्‍ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा में बोलते हुए अमित शाह ने कहा, 2013 में घोटालों-घपलों की सीरीज लोगों के दिमाग में घर कर गई थी। देश को समस्‍याओं को दूर करने के लिए हमें बहुमत मिला। उन्होंने कहा कि किसानों की आय दोगुना करने के लिए हमने कई विशिष्ट कदम उठाये हैं। अटल जी की सरकार जाने के बाद नदियों को जोड़ने का काम छोड़ दिया गया था जिसको अब मोदी सरकार ने शुरू किया है।

कांग्रेस के तंज का किया पलटवार

इतना ही नहीं कुछ दिन पहले कांग्रेस नेता पी।चिदंबरम ने कहा था कि अगर पकौड़े बेचना बिजनेस है तो भीख मांगना भी एक नौकरी है। इसपर भी शाह ने कहा कि बेरोजगारी से अच्छा है कि कोई युवा पकौड़े बेच रहा है। उन्होंने कहा कि पकौड़े बेचना शर्म की बात नहीं है इसकी भिखारी के साथ तुलना न करें। उन्होंने कहा कि अगर चाय वाले का बेटा पीएम बन सकता है तो पकौड़े वाले का बेटा आगे जाकर उद्योगपति भी बन सकता है।

अमित शाह द्वारा की गईं कुछ मुख्य बातें –

  • देश में 31 करोड़ बैंक खाते खोले गए।
  • आजादी के बाद 55 साल एक ही परिवार का देश में राज रहा।
  • देश में 60 फीसदी लोगों के पास बैंक खाते ही नहीं थे।
  • देश का गरीब खुद को अर्थतंत्र से जोड़ने लगा है।
  • शास्‍त्री जी के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने पाकिस्‍तान को सबक सिखाया।
  • पीएम मोदी ने पाकिस्‍तान को सबक सिखाने की हिम्‍मत की।
  • घर में शौचालय न होना बड़ी त्रासदी है।
  • गैस सब्सिडी छोड़ने का सार्थक अभियान चलाया गया।
  • गरीब के घर में पैदा नहीं हुआ, लेकिन गरीबी को करीब से देखा है।
  • देश में बेरोजगारी की समस्‍या है और इससे इंकार नहीं किया जा सकता है।
  • बेरोजगारी से अच्‍छा है कोई युवा मेहनत कर पकौड़े बेचे।
  • पकौड़े बेचना कोई शर्म की बात नहीं है।
  • पकौड़ा बेचने वाले की अगली पीढ़ी उद्योगपति बनेगी।
  • चाय बेचने वाले का बेटा इस सदन में प्रधानमंत्री बनकर बैठा है।
  • गरीब के घर बिजली, स्‍वास्‍थ्‍य पहुंचाना हमारी सरकार का लक्ष्‍य है।
  • पहले यूरिया की कालाबाजारी होती थी। हमारी सरकार के एक फैसले ने सारी दिक्‍कतें दूर कीं।
  • 5 करोड़ 70 लाख किसानों को फसल बीमा योजना का लाभ मिला।
  • देश में यूरिया के 6 कारखाने बीजेपी ने शुरू किए।
  • पूरे देश में जीएसटी पर राजनीति की गई।
  • कांग्रेस जब जीएसटी की बात करती थी, हमने विरोध नहीं किया।
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