Whatsapp ने किया केंद्र सरकार पर मुकदमा, दी IT नियमों को चुनौती

नई दिल्ली: मोबाइल मैसेजिंग बेस्ड एप्लीकेशन Whatsapp ने केंद्र सरकार के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में मुकदमा किया है. Whatsapp ने केंद्र की फरवरी 2021 में जारी की गई नए IT Intermediate Guidelines and Digital Media Code of Conduct, 2021 को हाईकोर्ट में चुनौती दी है. नए IT नियमों के तहत Whatsapp और उस जैसी कंपनियों को अपने मैसेजिंग ऐप पर भेजे गए मैसेज के ऑरिजिन, यानी जहां से सबसे पहले संदेश भेजा गया, का पता रखना होगा. मगर इस नियम को लेकर Whatsapp ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है.

Whatsapp की एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन से बेमानी

मोबाइल मैसेजिंग एप्लीकेशन बेस्ड कंपनी Whatsapp का कहना है कि की केंद्र सरकार का नया IT rule उसे मजबूर करता है ये बताने को कि आखिर app पर आया कोई मैसेज सबसे पहले कहां से आया था. ये गोपनीयता अधिकार का हनन है. व्हाट्सएप का कहना है कि नए नियमों के प्रावधान असंवैधानिक है. ये निजता के अधिकार का उल्लंघन है. देश का सर्वोच्च नयायालय भी निजता के अधिकार को संरक्षण देता है. सरकार के इन नियमो से Whatsapp की एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन बेमानी हो जाएगी क्योंकि ये प्राइवेट एजेंसियों हर रोज किये जाने वेक अरबो मैसेज के डेटा रखने को मजबूर करेगा, जो उपभोक्ताओं की निजता का उल्लंघन होगा.

नई नीति यूजर्स की प्राइवेसी के अधिकारों का उल्लंघन है

Whatsapp के मुताबिक इसके चलते वो लोग भी जांच एजेंसियों के दायरे में आ सकते हैं, जिन्होंने किसी content को सिर्फ आगे बढ़ाया, उसे Crypt नहीं किया या फिर वो लोग भी, जिन्होंने उस मैसेज के तथ्य को चेक करने के लिए उसे आगे मात्र बढाया है. Whatsapp की मांग है कि बुधवार से लागू होने वाली नई पॉलिसी पर रोक लगाई जाए, क्योंकि इससे प्राइवेसी खत्म हो रही है. Whatsapp ने दिल्ली हाई कोर्ट में दायर याचिका में कहा है कि सोशल मीडिया को लेकर भारत सरकार की नई गाइडलाइन, भारत के संविधान के मुताबिक यूजर्स की प्राइवेसी के अधिकारों का उल्लंघन है. क्योंकि इस नई गाइडलाइन के अनुसार कंपनियों को उस यूजर्स की पहचान बतानी होगी, जिसने सबसे पहले किसी मैसेज को पोस्ट या शेयर किया.

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