जब देश की संसद में 100 सांसदों की अटक गई थी सांसें !

संसद पर हुए आतंकी हमले को आज 20 साल पूरे हो गए हैं

संसद पर हुए आतंकी हमले को आज 13 दिसंबर को 20 साल पूरे हो गए हैं. आज ही के दिन 2001 में आतंकियों ने सुरक्षा में सेंध लगाते हुए संसद परिसर में हमला किया था. हमारे जांबाज जवानों ने आतंकियों को करारा जवाब दिया था. हमले में शामिल सभी पांच आतंकवादी मारे गए थे और आठ सुरक्षा कर्मी भी शहीद हो गए थे. हमले में एक माली की भी जान गई थी. ये आतंकवादी पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन से थे. हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में काफी तनाव उत्पन्न हो गया था. हमले के समय तत्‍कालीन गृह मंत्री लालकृष्ण आडवाणी समेत 100 सांसद संसद भवन में मौजूद थे.

पूरा देश रह गया था सन्न

आतंकवादियों के संसद भवन पर किए हमले से पूरा देश सन्न रह गया था. 13 दिसंबर 2001 को 5 हथियारबंद आतंकियों ने संसद भवन पर बमों और गोलियों से हमला किया था. इस हमले में 14 लोग मारे गए थे. इसमें हमले में शामिल 5 आतंकवादी भी थे. लश्कर ए तैयब्बा और जैश ए मोहम्मद के आतंकियों ने पूरी तैयारी के साथ संसद भवन पर हमला बोला था. उनके पास से पूरे संसद भवन को उड़ा देने की क्षमता रखने वाले विस्फोटक पाए गए थे. उनके पास इतने हथियार थे कि वो सैनिकों की एक बटालियन से मुकाबला कर सकते थे.

संसद में चल रही थी कार्यवाही

तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने इस आतंकी हमले की तुलना अमेरिका पर हुए 9/11 हमले से की थी. संसद हमले से सिर्फ 3 महीने पहले ही अमेरिका में 9 सितंबर को सबसे बड़ा आतंकी हमला हुआ था. 13 दिसंबर को सामान्‍य दिनों की तरह ही संसद की कार्यवाही चल रही थी. उस दिन विपक्ष के हंगामे की वजह से संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित कर दी गई थी. करीब 40 मिनट बाद 11 बजकर 20 मिनट पर आतंकवादी संसद परिसर में दाखिल हुए थे. दोनों सदन के स्थगित होने की वजह से तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और सोनिया गांधी समेत कई नेता बाहर निकल चुके थे. लेकिन तत्‍कालीन गृह मंत्री लालकृष्ण आडवाणी समेत 100 सांसद संसद भवन में मौजूद थे.

संसद परिसर में घुसे थे आतंकी

पहले आतंकियों की मुठभेड़ दिल्‍ली पुलिस के असिस्‍टेंट सब इंस्‍पेक्‍टर जीतनराम से हुई थी. वह उप राष्‍ट्रपति के काफिले में तैनात थे. इसके बाद आतंकी जीतराम से मुठभेड़ के बाद आंतकियों ने कार संसद भवन के गेट नंबर 9 की तरफ मोड़ दी थी. इस गेट का इस्तेमाल प्रधानमंत्री राज्यसभा में जाने के लिए करते हैं. कार थोड़ी दूर आगे बढ़ी लेकिन ड्राइवर सीट पर बैठे आतंकी उस पर कंट्रोल नहीं रख पाया और वो सड़क किनारे लगे पत्थरों से टकराकर रुक गई. पांचों आतंकी कार से निकलकर कार के बाहर तार बिछाना और उससे विस्फोटकों को जोड़ना शुरू कर दिया. तब तक जीतराम उनतक पहुंच चुके थे. उन्होंने अपनी रिवॉल्वर अपने हाथ में ले रखी थी.

एक आतंकी को निशाने पर लेकर जीतराम ने फायर कर दिया. गोली आतंकी के पैर में लगी. आतंकी ने भी जीतराम पर फायर झोंक दिया. आतंकी कार में ब्लास्ट करना चाहते थे. लेकिन वो ऐसा करने में नाकाम रहे. इसके बाद सुरक्षाकर्मियों से करीब 30 मिनट तक चली मुठभेड़ में आतंकियों को मार गिराया गया था. इस पूरे हमले में 5 पुलिसवाले, एक संसद का सुरक्षागार्ड और एक माली की मौत हो गई. करीब 22 लोग जख्मी हुए. आतंकियों के साथ सुरक्षाकर्मियों की मुठभेड़ करीब एक घंटे तक चली थी.

यह भी पढ़ें- योगी के गढ़ में शोहदे की आई मजामत, पहले बुलाया और फिर

(Puridunia हिन्दी, अंग्रेज़ी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब  पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं)…

Related Articles