जब धमाकों से दहल उठा था हैदराबाद, जानिये पूरी कहानी

हैदराबाद21 फरवरी हैदराबाद के लिए वह तारीख जिसको वहां के स्थानीय लोग शायद ही कभी भूल पाएंगे। 2013 में आज ही के दिन हैदराबाद के दिलसुख नगर इलाके में दो बम ब्लास्ट हुए थे। इस धमाके में 17 लोगाें की मौत हो गई थी और 120 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। इस मामले में दिसंबर 2016 में स्पेशल NIA कोर्ट ने इंडियन मुजाहिद्दीन के 5 आतंकियों को मौत की सजा सुनाई।

मामले में इंडियन मुजाहिद्दीन का सह-संस्थापक यासीन भटकल भी शामिल था। भटकल के अलावा असदुल्लाह अख्तर (यूपी), जिया-उर-रहमान (पाकिस्तान), तहसीन अख्तर (बिहार) और एजाज शेख (महाराष्ट्र) को भी फांसी की सजा हुई। मामला अभी भी हैदराबाद हाईकोर्ट में चल रहा है। बता दें कि यासीन भटकल पर भारत में हुए कई धमाकों में शामिल होने का आरोप है।

क्या था पूरा मामला?

21 फरवरी 2013 की शाम के करीब 7 बजे थे। तभी हैदराबाद के दिलसुख नगर का इलाका एक के बाद एक धमाकों की आवाज से गूंज उठा। पहला ब्लास्ट 7 बज कर एक मिनट के आस पास दिलसुखनगर इलाके के वेंकटाद्रि सिनेमा के पास हुआ। इस धमाके की आवाज से जबतक लोग मामले को समझते समझते तभी दूसरे बलास्ट की आवाज कोणार्क सिनेमा हॉल के करीब बस स्टैंड के पास से सुनाई दी। वहां खाने पीने के सामानों की कई दुकानें थी। कुछ मिनट बाद तीसरा धमाका भी हुआ और एक जिंदा बम को बरामद किया गया।

हैदराबाद में हुए इस ताबड़तोड़ हमले में 17 लोगों की जान चली गई। जबकि इसमें 120 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। हमले से आस पास एक किलोमीटर स्थित लोगों में दहशत का महौल फैल गया था। बलास्ट के बाद पुलिस ने पूरे इलाके को घेरकर मामले की तफ्तीश में जुट गई थी। जिसमें पुलिस को टाइमर बम मिले थे। इससे ये आशंका लगाई जा रही थी कि आतंकवादी एक बड़ा आतंकी हमला करने की फिराक में थे।

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