कब है अक्षय तृतीया, जानें क्यों खरीदा जाता है इस दिन सोना, क्या है पूजन विधि

अक्षय तृतीया का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। इस दिन मां लक्ष्मी का पूजन किया जाता है और सोने-चांदी की खरीदारी की जाती है। यह दिन विशेष फल प्रदान करने वाला माना गया है।

लखनऊ: अक्षय तृतीया का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। इस दिन मां लक्ष्मी का पूजन किया जाता है और सोने-चांदी की खरीदारी की जाती है। यह दिन विशेष फल प्रदान करने वाला माना गया है। पुराणों में भी इसका विशेष महत्व है। इसी दिन सतयुग का आरंभ हुआ था। हर वर्ष वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को अक्षय तृतीया का पर्व मनाया जाता है। यह दिन इतना शुभ होता है कि बिना किसी मुहूर्त के भी शुभ कार्य किए जा सकते हैं। आपको बता दें, इस बार अक्षय तृतीया 14 मई को प्रारम्भ होगा। इस शूभ मूहर्त सुबह 5 बजकर 38 मिनट से लेकर 15 मई की सुबह 7 बजकर 59 मिनट तक रहेगा। जिसमें सोना खरीदने का सबसे अच्छा समय सुबह 5 बजे से लेकर दोपहर 12 बजे तक है।

क्यों खरीदा जाता है इस दिन  सोना

माना जाता है कि अक्षय तृतीया के दिन सभी भौतिक संसाधन हमारे जीवन में हमेशा हमारे लिए बने रहते है। इसलिए इस दिन में अबूझ मुहूर्त होता है और इस कारण कोई भी शुभ और नया कार्य कर सकते हैं। इसलिए अक्षय तृतीया के दिन लोग किसी भी तरह के नए कार्य का आरंभ करने के साथ ही सोना, बर्तन, चांदी और अन्य बहुमूल्य वस्तुओं को खरीदते  हैं।

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कहा जाता है कि इस दिन जो भी खरीदा जाता है वो सोना पीढ़ियों के साथ बढ़ता ही जाता है। ऐसा भी कहा जाता है कि इस दिन अगर आप सोना खरीदते हैं तो आपके घर में  सुख-समृद्धि की अपार वृद्धि होती है और  घर-परिवार में खुशहाली बनी रहती है। इसी कारण इस दिन लोग सोना खरीदते है।

अक्षय तृतीया पूजन विधि

अक्षय तृतीया के दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी के साथ-साथ धन के देवता कुबेर की भी पूजा की जाती है। तीनों देवी-देवताओं को केला, नारियल, पान सुपारी, मिठाई और जल चढ़ाएं। कुछ देर भगवान के सामने हाथ जोड़कर उनकी प्रार्थना करें और उनका आर्शीवाद मांगे।

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