‘जब कानून के रखवाले गुंडई पर उतर आएं तो इसे गुंडा राज ही कहते है’

आजमगढ़: 9 जुलाई 2021 को लक्ष्य की टीम ने जनपद आजमगढ़ थाना रौनापार के गांव पलिया की घटना को लेकर गांव का दौरा किया और पीड़ित परिवार से घटना की जानकारी हासिल की। पीड़ित परिवार व गांव वासियों ने बताया कि घटना दिनांक 29 जून 2021 की है जिसमें मामूली से विवाद में पुलिस प्रशासन के लगभग दो सौ लोगों ने जिसमें सम्बन्धित थाना अध्यक्ष व सीओ भी शामिल थे, उन्होंने जेबीसी से दलित समाज के ग्राम प्रधान मुन्ना पासवान व उनके परिवार के कई घरों को तथा घर के सामानों को तोड़ डाला और गहने- नकदी आदि की लूट पाट की । पुलिस की इस बर्बरता पूर्वक कार्यवाही में परिवार के कई लोगों को गंभीर चोटें भी आई है जो अस्पतालों में भर्ती है जिसमें तीन चार माह का एक बच्चा भी शामिल है।

पीड़ित परिवार की महिलाओं ने रोते हुए  बताया कि पुलिस वालों ने उनके साथ जाति सूचक तथा अभद्र शब्दों का इस्तेमाल किया तथा महिलाओं के साथ आपत्तिजनक व्यवहार किया।

लक्ष्य कमांडरों ने दुःख प्रकट करते हुए बताया कि पीड़ित परिवारों से बातचीत करके तथा वहां पुलिस द्वारा मचाया गया ताण्डव को देखकर ऐसा लग रहा था की प्रदेश में शासन प्रशासन नाम की कोई चीज नहीं है तथा दलित इस देश के नागरिक है ही नही। उन्होंने कहा कि जब कानून के रखवाले गुंडई पर उतर आएं तो इसे गुंडा राज ही कहते है।

लक्ष्य कमांडरों ने इस घटना को शर्मनाक बताते हुए कहा कि इस घटना को लेकर बहुजन समाज में आक्रोश व्याप्त है। उन्होंने  सरकार से मांग करते हुए कहा कि इस घटना की  निष्पक्ष जांच करके दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्यवाही  की जाए तथा पीड़ित परिवारों को उचित क्षतिपूर्ति की जाए ।

लक्ष्य की इस टीम में लक्ष्य कमांडर रेखा आर्या, संघमित्रा गौतम, विजय लक्ष्मी गौतम व राजकुमारी कौशल शामिल थी जो लखनऊ से घटना स्थल पर पहुंची थी।

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