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प्रदेश में कब महफूज होंगी बेटियां, फिर हैवानों का शिकार हुई दलित बेटी

महोबा: उत्तर प्रदेश ( Uttar Pradesh ) की योगी सरकार ( Yogi Goverment ) एक तरफ जहां बेटियों के सम्मान में ‘मिशन शक्ति’ ( Mission Shakti ) अभियान चला रही है। तो वहीं दूसरी तरफ हवस के दरिंदे बेटियों को अपनी हवस का शिकार बनाकर इस अभियान को खुले चुनौती दे रहे हैं। सरकार महिलाओं पर हो रहे अपराधों को रोकने के लिए नाकाम है। बाराबंकी ( Barabanki ) में एक दलित बेटी से रेप का मामला अभी ठंडा नहीं हुआ था कि महोबा ( Mahoba ) जिले में दलित बेटी से रेप का मामला सामने आया है। हैवानों ने दलित बेटी के साथ पहले अपनी हवस की आग बुझाई फिर उसके बाद उसकी हत्या कर दी। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। हालांकि परिजनों ने तीन दरिंदों के खिलाफ केस दर्ज कराया है। लेकिन सवाल है कि बेटियां आखिर खुद को प्रदेश में कब महफूज समझेंगी। कब बेटियों को इन दरिदों से आजादी मिलेगी।

नामजद के खिलाफ केस

परिजनों ने बेटी का दुष्कर्म करने और उसकी हत्या करने के आरोप में तीन नामजद रोहित, भूपेंद्र और तरुण के खिलाफ केस दर्ज कराया है। बता दें कि लड़की का शव एक पेड़ से लटका हुआ पाया गया। जिससे परिजनों ने इन तीनों पर रेप की आशंका जताई है।

वहीं इस मामले पर सर्कल अधिकारी ( CO ) रामप्रवेश राय ने कहा, “युवती रविवार दोपहर को सब्जियां खरीदने के लिए घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। बाद में उसके परिवार के सदस्यों ने उसका शव बेलाताल इलाके में एक पेड़ से लटका पाया।” उन्होंने आगे बताया कि पीड़िता की मां ने शिकायत दर्ज की और दलित किशोरी के साथ दुष्कर्म करने और उसे मारने के लिए तीन पुरुषों के खिलाफ FIR दर्ज की गई।

कुलपहाड़ थाना प्रभारी रविंद्र तिवारी ने कहा कि रोहित, भूपेंद्र और तरुण के खिलाफ दुष्कर्म और हत्या के आरोप और अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति ( SC/ST ) एक्ट के तहत FIR दर्ज की गई। मामले की जांच की जा रही है लेकिन अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।

इस मामले को लेकर जब मृतक बेटी की चाची से बात की गई तो उन्होंने बताया कि उनके इलाके में एक व्यक्ति द्वारा उसे परेशान किया जा रहा था, जो पिछले एक महीने से उसे फोन कर रहे थे।

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