जानिए…हमारे स्वास्थ को किस ओर लेकर जा रहा है ये टेक्निकल जगत

नई दिल्ली: हृदय रोग और तमाम शारीरिक गतिविधियों की तकलीफें बहुत समय से प्रचलन में हैं। ऐसे में पैदल चलने और साइकिल चलाने की अक्सर हिदायत दी जाती है। निरंतर रूप से इसके फायदे देखे जाने के बावजूद कई देशों में इस तरह के क्रियाकलाप कम होते हैं और स्वास्थ संबंधी क्रियाओं को नजरअंदाज किया जाता है।

ऐसा देखा जा रहा है कि अधिकतर लोग ऐसे पेश में लिप्त हैं, जहां शारीरिक गतिविधियां बहुत कम होती हैं। ऐसे आधुनिक जगत में लोग ज्यादातर आलसी हो जाते हैं और बीमारियां उन्हें घर कर लेती हैं। रेगुलर वर्कआउट के फायदे होने के बावजूद अधिकतर देशों में ऐसे क्रियाकलाप कम ही होते हैं।

इस अध्ययन में ब्रिटेन के कैब्रिज विश्वविद्यालय, लंदन स्कूल ऑफ़ हाइजीन एंड ट्रॉपिकल मेडिसिन और इंपीरियल कॉलेज, लंदन के शोधकर्ता शामिल थे।

इस अध्ययन का प्रकाशन ‘हार्ट’ पत्रिका में किया गया। इसमें 2006 से 2010 के बीच 3,58,799 लोगों का डाटा एकत्र किया गया। उनसे पूछा गया कि वे आवागमन के लिए कौन सा साधन चुनते हैं। देखा गया कि वे क्या इसके लिए वे सिर्फ कार पर निर्भर हैं अथवा कोई और विकल्प चुनते हैं।

पाया गया कि अनुमानत: एक तिहाई लोग अपने कार्यस्थल पर कार से जाते हैं जबकि साइकिल से जाने वाले लोगों की संख्या तुलनात्मक रूप से कम थी । सिर्फ 8.5 प्रतिशत लोगों ने बताया कि वे साइकिल का इस्तेमाल करते हैं।

आंकड़ों के विश्लेषण से यह पता चलता है कि नियमित रूप से साइकिल से यात्रा करने वाले और पैदल यात्रा करने वालों में हृदय रोग का खतरा 11 प्रतिशत कम होता है और उनका स्वास्थ भी ठीक रहता है।

Related Articles