संविधान की दुहाई देने वाली दीदी के गढ़ में कानून की हो रही ऐसी तैसी का जिम्मेदार कौन?

विकास गोस्वामी (PURIDUNIA.COM): पश्चिम बंगाल का माहौल और 2019 का आम चुनाव, चर्चा जबरजस्त है क्युकी जबसे लोकसभा 2019 के चुनाव की घोषणा हुई TMC और बीजेपी के बिच जो झड़प चल रही है उसकी चर्चा पुरे देश में चल रही है| और चले भी क्यों न, जहाँ दीदी का वर्चस्व दाव पर है वही बीजेपी अन्य जगह पर अनुमानित रूप से कम हुए सीटों की भरपाई के फ़िराक में है|

राजनितिक स्तर की लड़ाई की दुहाई और संविधान में विश्वास रखने वाली दीदी के उपर लगातार मनमानी करने का आरोप हर दिन तेज होता जा रहा है | बात अगर इसके पीछे छिपे कारण की करें तो ये बिलकुल साफ है, बीजेपी के स्टार प्रचारकों के हेलीकाप्टर रोकने की बात हो, या चुनाव के समय हर चरण में हो रही हिंसा|  कही न कही ये सभी घटनाये ममता दीदी की संविधान में विश्वास रखने वाले स्लोगन को टारगेट करता है |

 चौथे चरण में हो रहा धीमा मतदान 

 लोकसभा चुनाव के चौथे चरण का मतदान आज शाम खत्म हो जाएगा. इसके साथ ही आज थोड़ी तस्वीर साफ हो जाएगी कि केंद्र में किसकी सरकार बनने जा रही है. चौथे चरण के मतदान में पूरे देश की नजर पश्चिम बंगाल और बिहार की बेगूसराय की सीट पर है. पश्चिम बंगाल के आसनसोल में हिंसा की खबर है. आसनसोल से केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो चुनावी मैदान में हैं. वहीं बिहार की बेगूसराय सीट पर बीजेपी के वरिष्ठ नेता गिरिराज सिंह, आजेडी के तनवीर हसन और जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार मैदान में हैं. कन्हैया कुमार के पक्ष में प्रचार करने के लिए बॉलीवुड से जुड़े लोग भी बेगूसराय की धरती पर पहुंचे थे. यह चरण बीजेपी के लिए भी काफी अहम है क्योंकि आज जिन 72 सीटों पर मतदान हो रहा है. उनमें से 45 सीटों पर 2014 में बीजेपी का क़ब्ज़ा था. ऐसे में बीजेपी के लिए ये चरण बेहद अहम है.

पहले चरण में हुआ था  69.50  फ़ीसदी का मतदान दुसरे और तीसरे के आकडे भी थे ठीक 

अगर बात पश्चिम बंगाल में हुए पहले चरण की मतदान की करे तो अब तक के सभी चरणों में हुए मतदान की तुलना में सबसे अधिक मतदान हुआ था| अकड़े में बात की जाये तो ये 69.50 फीसदी तक पंहुचा था | वही दुसरे चरण में हुए मतदान में भी पह्के चरण के आकडे को लगभग छुआ था | अकड़े पहुचे थे 69.44 फीसदी | वही तीसरे चरण में ये आकड़ा घट के 63.24 पहुच गया|

 

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