जो कोई ना कर पाया, वो श्रीदेवी ने कर दिखाया – 13 साल की उम्र में बनीं रजनीकांत की मां

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मुंबई। बॉलीवुड की मशहूर अदाकारा श्रीदेवी की असमय मौत से पूरे बॉलीवुड को सदमा लगा है। शनिवार को उन्होंने दुबई में आखिरी सांसे ली। बचपन से ही अपने करियर की शुरुआत करने वाली इस एक्ट्रेस ने 1967 में तमिल फिल्म मुरुगा में बतौर चाइल्ड एक्टर अपने करियर की शुरुआत की थी। उन्हें बचपन से ही एक्टिंग बहुत शौक था।

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चार दशकों तक सिल्वर स्क्रीन पर चांदनी बनकर पर्दे पर जलवा बिखेरा। इनका जन्म 13 अगस्त 1965 को तमिलनाडु के शिवकासी मेें हुआ था। यूं ही  नहीं श्रीदेवी बतौर एक्ट्रेस सबके दिलों पर राज करती थीं। कहा जाता है इनको बचपन से ही एक्टिंग का शौक था। वह लड़की के साथ साथ लड़के का किरदार भी बखूबी निभा सकती थी। इसीलिए बचपन से ही श्रीदेवी डायरेक्टरों की पहली पसंद हुआ करती थी।

बचपन में उन्हें बेबी श्री के नाम से भी बुलाया जाता था। अपनी फिल्मी करियर की शुरुआत श्रीदेवी ने 4 साल की उम्र में तमिल फिल्म मुरुगा से किया था। इस फिल्म में इनकी बेहतरीन एक्टिंग देखने को मिली थी। इसके बाद उन्होंने 1969 में आने वाली ”नाम नाडू” नाम की फिल्म मे काम किया था। इस फिल्म में उन्होंने एमजी रामचंद्रन और जयललिता के बेटे का किरदार निभाया था।

इन्हीं कुछ मशहूर साउथ फिल्मों में काम करने के बाद श्रीदेवी ने बॉलीवुड इंडस्ट्री में एंट्री ली। बॉलीवुड में उनकी पहली फिल्म ”जूली” थी, यह हिट मलयालम फिल्म ”चट्टाकारी” का रिमेक थी।  कहा जाता है महज 13 साल की उम्र में श्रीदेवी ने एक्टर रजनीकांत की मां का रोल भी निभाया था।

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वैसे तो इनकी हर फिल्म में अहम रोल निभाया लेकिन इन में से कुछ ऐसी फिल्में थी जिसे लोगों ने खूब पसंद किया। इन फिल्मों में चांदनी, मिस्टर इंडिया, चालबाज, नगीना, लम्हें, इंग्लिश-विंग्लिश जैसी फिल्में शामिल। इन फिल्मों ने सबके दिलों में जगह बनाई। बॉलीवुड में ब्लाकबस्टर फिल्म हिम्मतवाला से श्रीदेवी को पहचान मिली।

बॉलीवुड की इस फीमेल सुपरस्टार को साल 2013 में पद्मश्री से भी नवाजा गया। साथ ही साल 1971 में मलयालम मूवी पूमबत्ता के लिए केरला स्टेट फिल्म अवार्ड से भी सम्मानित किया गया था। श्रीदेवी को 6 बार फिल्मफेयर अवार्ड से नवाजा गया है जिसमें 3 बार उन्हें दक्षिण भारतीय फिल्मों के लिए और तीन बार हिंदी फिल्मों लम्हें, चालबाज, नगीना एवं मिस्टर इंडिया के लिए फिल्मफेयर अवार्ड दिया गया।

बॉलीवुड की सबसे ज्यादा फिल्में रजनीकांत, जितेंद्र, अनिल कपूर के साथ रही हैं। फिल्म चालबाज के लिए पहले फिल्म फेयर सर्वश्रेठ अभिनेत्री के पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। श्रीदेवी ने सोलवां सावन, सदमा, हिम्मतवाला, जाग उठा इंसान, अक्लमंद, इन्कलाब, तोहफा, सरफरोश, बलिदान, नया कदम, नगीना, घर संसार, मकसद, सुल्तान, आग और शोला, भगवान, आखरी रास्ता, जांबांज, वतन के रखवाले, जवाब हम देंगे, औलाद, नजराना, कर्मा, हिम्मत और मेहनत, मिस्टर इंडिया, निगाहें, जोशीले ,गैर कानूनी, चालबाज, खुदा गवाह, लम्हे, हीर रांझा, चांदनी, रूप की रानी चोरों का राजा, चंद्रमुखी, चांद का टुकड़ा, गुमराह, लाडला, आर्मी, जुदाई, हल्ला बोल, इंग्लिश विंग्लिश और मॉम नाम की फिल्म से सबके दिलों पर राज  किया।

इनकी सभी फिल्में अपने आप में खास रही है। 1996 से डायरेक्टर बोनी कपूर से शादी के बाद उन्होंने फिल्मों की दुनिया से थोड़ी दूरी बना ली थी। श्रीदेवी ने अपने करियर में लगभग 200 फिल्मों में काम किया. इनमें लगभग 63 हिंदी, 62 तेलुगु, 58 तमिल और 21 मलयालम फिल्में शामिल हैं।

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