1.22 प्रतिशत पहुंची थोक मुद्रास्फीति, आंकड़ों में हुआ खुलासा

दिसंबर में थोक मूल्य सूचकांक (Whole Price Index-WPI) पर आधारित मुद्रास्फीति की दर 1.22 प्रतिशत रही। वहीं नवंबर के महीने में यह 1.55 प्रतिशत पर थी। जबकि दिसंबर 2019 में थोक महंगाई 2.76 प्रतिशत पर थी।

नई दिल्ली: वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को एक आकंडें जारी किए हैं। इन आकंड़ों में बताया गया है कि दिसंबर के महीने में सब्जियों, खाने-पीने की वस्तुओं के दाम कम होने से थोक महंगाई दर में कमी आयी है।

बता दें कि दिसंबर में थोक मूल्य सूचकांक (Whole Price Index-WPI) पर आधारित मुद्रास्फीति की दर 1.22 प्रतिशत रही। वहीं नवंबर के महीने में यह 1.55 प्रतिशत पर थी। जबकि दिसंबर 2019 में थोक महंगाई 2.76 प्रतिशत पर थी।

फूड इंडेक्स में भी महंगाई कम दिसंबर में खाद्य वस्तुओं के दाम कम हुए हैं। इससे WPI Food Index में भी नरमी रही। दिसंबर में खाद्य मुद्रास्फीति दर घटकर 0.92 प्रतिशत रह गई। नवंबर के महीने में यह 4.27 प्रतिशत थी। आलू, प्याज के दाम में कमी वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के तहत आने वाले ‘उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्द्धन विभाग’ (DPIIT) के आंकड़ों के मुताबिक दिसंबर में सब्जियों के दाम में 13.2 प्रतिशत तक घटे। प्याज कीमतों में 54.69 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि नंवबर में प्याज 7.58 प्रतिशत सस्ता हुआ था।

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वहीं थोक मुद्रास्फीति के आंकड़ों पर इक्रा की प्रमुख अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा, ‘‘प्राथमिक खाद्य वस्तुओं के दाम नीचे आने और प्राथमिक गैर-खाद्य उत्पादों की महंगाई घटने से दिसंबर में थोक मुद्रास्फीति नीचे आई है। हालांकि, मुख्य मुद्रास्फीति 4.2 प्रतिशत के 24 माह के उच्चस्तर पर है। इससे आगे चलकर थोक मुद्रास्फीति को लेकर चिंता पैदा होती है।’’

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