क्यों ट्रेंड कर रहा है #fingeronyourlips और #releasedisharavi, जानें क्या होता है टूलकिट?

आमतौर पर हम टूलकिट (toolkit) औजारों के बॉक्स को बोलते है, लेकिन जिस टूलकिट की चारों तरफ बात हो रही है वो इससे बिल्कुल अलग है.

नई दिल्ली: चर्चा में बहुत कुछ है, किसान आन्दोलन से लेकर पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दाम देश को झकझोर रहे है. इन सब के बीच कुछ और भी है जो खासा चर्चा में है. एक ऐसा विरोध जो डिजिटल है. जिसमें भीड़ तो है, विरोध तो है लेकिन सब शांत है. FingerOnYourLips मूवमेंट, आंदोलन और विरोध का एक नया तरीका है जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर #fingeronyourlips के नाम से ट्रेंड कराया जा रहा है.

क्या है ये मूवमेंट?

26 जनवरी को भारत में किसान आंदोलन के दौरान पुलिस और आन्दोलनकारियों आपस में भीड़ गए थे, इस दौरान बहुत लोग घायल हो गए थे. ख़ुफ़िया एजेंसियों का मानना था कि दिल्ली में जो कुछ हुआ वो प्लानिंग के तहत किया गया. जांच के दौरान एजेंसियों के रडार पर आये ये तीन लोग, दिशा रवि, निकिता जैकब और शांतनु. बताया जा रहा है जिस टूलकिट (toolkit) को ग्रेटा ने ट्वीट किया था वो टूलकिट इन्हीं लोगों ने तैयार किया था. पुलिस ने दिशा रवि को गिरफ्तार कर लिया है जबकि निकिता जैकब, शांतनु पर गिरफ्तारी की तलवार लगातार लटकी हुई है.

#fingeronyourlips के आलावा #releasedisharavi भी चर्चा में है. इस मूवमेंट के तहत लोगों से आग्रह किया जा रहा है कि वो बिना अपना चेहरा दिखाए अपने होठों पर उंगली रखकर अपनी तस्वीर इन दोनों हैशटैग्स के साथ शेयर करे और इस डिजिटल विरोध का हिस्सा बन दिशा रवि की गिरफ्तारी के खिलाफ और निकिता जैकब और शांतनु के साथ एकजुटता से खड़े हो. इसके साथ ही यह भी कहा गया है कि फोटो शेयर करने वाला व्यक्ति भारत में चल रहे माहौल के हिसाब से इसका कैप्शन भी लिख सकता है.

क्यों?

दरअसल किसान आंदोलन के दौरान 26 जनवरी को दिल्ली में पुलिस और किसानों के बीच हुए हिंसक झडंप के बाद लगातार एजेंसिया जांच में जुटी हुई थी. जांच के दौरान ये पाया गया कि आंदोलन को हवा देने के लिए टूलकिट (toolkit) का इस्तेमाल किया गया है.

दिल्ली पुलिस साइबर सेल के जॉइंट कमिश्नर प्रेमनाथ ने बताया कि 4 फरवरी को हमे टूलकिट (toolkit) की जानकारी मिली. उन्होंने बताया कि दिशा रवि, निकिता जैकब और शांतनु ने खालिस्तानी संगठनों की मदद से भारत में चल रहे किसान आंदोलन की दिशा बदलने के लिए टूलकिट तैयार किया. इस टूलकिट  को उन लोगों के साथ शेयर किया गया जिनकी मदद से आंदोलन में तेजी लाई जा सके.

क्या ग्रेटा थनबर्ग भी है इसका हिस्सा?

पुलिस का दावा है कि बेंगलुरु से शनिवार को गिरफ्तार की गई दिशा ने जलवायु परिवर्तन कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग को टेलीग्राम ऐप के माध्यम से किसान आंदोलन से जुड़ी ‘‘टूलकिट’’ भेजी थी. जिसके बाद ग्रेटा ने इस टूलकिट का उपयोग करते हुए भारत में चल रहे किसान आंदोलन में तेजी लाने के लिए ट्वीट किया था.

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क्या होता है ‘toolkit’

आमतौर पर हम टूलकिट (toolkit) औजारों के बॉक्स को बोलते है, लेकिन जिस टूलकिट की चारों तरफ बात हो रही है वो इससे बिल्कुल अलग है. अब मान लीजिये आपको एक लक्ष्य को पाना है, और उस लक्ष्य को पाने के लिए आप एक प्लान के तहत सबकुछ लिखते है. जब आप लिखते है तो तैयार हो जाता है उस टारगेट से जुड़ा एक डॉक्यूमेंट. वो डॉक्यूमेंट प्रोटेस्ट की सोशल मीडिया प्लानिंग से जुड़ा हुआ भी हो सकता है.

मतलब ये की सोशल मीडिया पर लोग क्या लिखे किस वक़्त लिखे, कौन से हैशटैग्स का इस्तेमाल किया जा सकता है, भाषा क्या हो?. इन सबको मिलाकर बनता है वो टूलकिट जिसकी चर्चा हो रही है. इस तरह टूलकिट की मदद से सोशल मीडिया पर आंदोलन को एक अलग ही हवा मिल जाती है और ये बहुत तेजी से बढ़ने लगता है. इस टूलकिट को ऐसे लोगों के साथ शेयर किया जाता है, जिनकी मौजूदगी या फिर उनके द्वारा किये गए पोस्ट से आंदोलन में तेजी आने की उम्मीद होती है.

क्यों है ‘toolkit’ की चर्चा

26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के दिन दिल्ली में जबरदस्त हिंसा हुई थी. जिसमें कई पुलिसकर्मी और आन्दोलनकारी घायल हो गए थे. उसके बाद से ही ये शब्द चर्चा में है. दरअसल स्वीडन की जलवायु कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग (Swedish Climate Activist Greta Thunberg) ने बीते दिनों भारत में हो रहे किसान आंदोलन पर एक टूलकिट ट्वीट किया था, इस टूलकिट में ये बताया गया था कि लोग किसान आंदोलन का कैसे समर्थन कर सकते है. ग्रेटा के इस ट्वीट के बाद से ही जैसे ट्वीटर पर सुनामी आ गई, और किसान आंदोलन के समर्थन में लगातार ट्वीट होने लगे.

पुलिस के रडार पर है ये लोग

टूलकिट (toolkit) मामला भारत में गर्मा गया है. एजेंसिया इसके जांच में जुटी हुई है. फिलहाल एजेंसियों के रडार पर है तीन लोग, दिशा रवि, निकिता जैकब और शांतनु. बताया जा रहा है जिस टूलकिट को ग्रेटा ने ट्वीट किया था वो टूलकिट इन्हीं लोगों ने तैयार किया था. पुलिस ने दिशा रवि को गिरफ्तार कर लिया है जबकि निकिता जैकब, शांतनु पर गिरफ्तारी की तलवार लगातार लटकी हुई है.

26 जनवरी से ‘toolkit’ का कनेक्शन

दिल्ली पुलिस दिल्ली पुलिस की साइबर सेल में ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर प्रेमनाथ ने बताया ऐसा लग रहा है कि 26 जनवरी को जो हिंसा दिल्ली में हुई, वो टूलकिट (toolkit) प्लान के तहत हुई थी. उन्होंने बताया कि टूलकिट में पूरी प्लानिंग बनाई गई थी, कि कैसे डिजिटल प्लेटफार्म पे आंदोलन को स्ट्राइक करना है, ट्वीटर पर कैसे आंदोलन को जबरदस्त तरीके से सक्रिय करना है. इसमें यह भी बताया गया कि आंदोलन के दौरान किस तरह के फिजिकल एक्शन हो सकते है.

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