आखिर क्यों मनाया जाता है 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस? जानें इस दिन से जुड़ी अहम बातें

नई दिल्लीः पूरा भारतवर्ष गणतंत्र दिवस (Republic Day) की तैयारियों में जुटा हुआ है। वैसे तो अधिकतर लोगों को पता होता है कि देश में गणतंत्र दिवस इसलिए मनाई जाती है क्योंकि इस दिन हमारा संविधान लागू हुआ था लेकिन 26 जनवरी को इतना ऐतिहासिक बनाने के पीछे एक और वजह भी है। बता दें कि देश का पहला गणतंत्र दिवस (Republic Day) 26 जनवरी 1950 को मनाया गया था। जिसके बाद हर साल इसे बड़े ही हर्षोउल्लास और खुशी के साथ मनाया जाता है। इस साल देश में 72 वां गणतंत्र दिवस (Republic Day) मनाया जा रहा हैं

दो वर्ष 11 महीने और 18 दिन में लिखा गया था संविधान

आप को पता कि जब अंग्रेजों द्वारा इस बात की घोषणा की गई कि 15 अगस्त 1947 को भारत को आजादी दे दी जाएगी। उस दौरान भारत के पास अपना कोई संप्रभु संविधान नहीं था। भारत की शासन व्यवस्था अबतक भारत सरकार अधिनियम 1935 पर आधारित थी। इसी कड़ी में 29 अगस्त 1947 को डॉ. भीम रॉव अंबेडकर के नेतृत्व में एक प्रारूप कमेटी का गठन किया गया।

इस प्रारूप कमेटी ने 26 नवंबर 1949 को लिखित संविधान को राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद को सौंप दिया था। जिसे 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया। इसी लिया हम सब आज 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस (Republic Day) के रूप में मनाते हैं। 15 अगस्त 1947 को भारत के आजाद होने के बाद संविधान सभा का गठन किया गया। फिर बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर ने तकरीबन दो साल, 11 महीने और 18 दिन में दुनिया का सबसे बड़ा लिखित संविधान तैयार किया।

जानते हैं गणतंत्र दिवस से जुड़ी कुछ अहम और दिलचस्प बातें

  • भारत का संविधान दुनिया का सबसे बड़ा संविधान है, जिसे एक दिन में नहीं पढ़ा जा सकता।
  • भारत के संविधान में कुल 448 आर्टिकल हैं।
  • भारत के संविधान की एक हिंदी और एक अंग्रेजी कॉपी हाथ से लिखकर तैयार की गई थी।
  • हाथ से लिखी गई संविधान की दोनों कॉपी संसद की लाइब्रेरी में सुरक्षित हैं।
  • भारत के संविधान का सिद्धांत ‘सत्यमेव जयते’ अथर्ववेद से लिया गया है।
  • ‘सत्यमेव जयते’ का अनुवाद सबसे पहले 1911 में आबिद अली ने किया था।
  • गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में 21 तोपों की सलामी दी जाती है।
  • राष्ट्रगान की शुरुआत के साथ तोपों की सलामी शुरू होती है और 52 सेकंड के राष्ट्रगान के साथ खत्म होती है।
  • भारतीय सेना की 7 तोपें सलामी देती हैं, हर तोप से 3 फायर किये जाते हैं।
  • गणतंत्र दिवस पर सलामी देने वाली तोपों को पौंडर्स कहा जाता है, जो 1941 में बनी थीं।
  • भारत का राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ रवीन्द्रनाथ टैगोर ने पहले बंगाली में लिखा, फिर हिंदी अनुवाद किया गया।
  • 27 दिसंबर 1911 को कांग्रेस की मीटिंग में पहली बार राष्ट्रगान गाया गया था।
  • गणतंत्र दिवस के मौके पर भारत रत्न, परमवीर चक्र, अशोक चक्र और कीर्ति चक्र जैसे पुरस्कार दिए जाते हैं।
  • गणतंत्र दिवस की पहली परेड मेजर ध्यानचंद स्टडियम में हुई, जिसे 15 हज़ार लोग देखने पहुंचे थे।
  • 1955 में पहली बार गणतंत्र दिवस की परेड राजपथ पर हुई थी, पाकिस्तान के गवर्नर जनरल मलिक गुलाम मौहम्मद इसमें चीफ गेस्ट थे।
  • 26 जनवरी 1965 को हिंदी को राष्ट्र भाषा का दर्जा दिया गया।

यह भी पढ़ें: 26 जनवरी पर देशभक्ति से भरे इन संदेशों से दें गणतंत्र दिवस की बधाई

Related Articles