सावधान ! सार्वजनिक जगहों पर पोस्टर लगाया तो होगी FIR

Poster-Wallलखनऊ। शहर की खूबसूरती बिगाड़ने वालों पर रोक लगाने की कवायद लखनऊ में शुरु हो गई है। अब सार्वजनिक जगहों पर पोस्टर लगाने वालों के खिलाफ नगर निगम एफआईआर दर्ज कराएगा। साथ ही नुकसान की वसूली भी की जाएगी। राजधानी एक तरफ स्मार्ट सिटी की दौड़ में शामिल है तो दूसरी तरफ अनचाहे विज्ञापन और पोस्टर उसकी खूबसूरती पर दाग लगा रहे हैं।

नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि बिजली के पोल से लेकर ओवरब्रिज, स्मारकों की दीवारें, डिवाइडरों, मार्ग संकेतकों पर पोस्टर चिपका कर उन्हें खराब किया जा रहा है। विज्ञापन कर नियमावली 2014 के नियम 15ड़. में इसे प्रतिबंधित किया गया है। पोस्टर हटाने के लिए चेतावनी जारी की गई है।

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नेता लगवा रहे हैं पोस्टर

गोमतीनगर रेलवे स्टेशन के बोर्ड पर फिर से पोस्टर चिपका दिए गए। पहले यहां पोस्टरों का अंबार लगा हुआ था। किसी तरह साफ हुआ तो अब फिर से एक कोचिंग ने अपने पोस्टर इस पर चिपका दिए। हालात अब फिर से जस के तस हैं। यहां रेलवे स्टेशन का रास्ता की जानकारी नहीं सिर्फ पोस्टरों में लिखी सूचना ही दिखाई देती है।

गोमतीनगर में मिठाईवाला क्रॉसिंग के नीचे अंडरपाथ के खंभों पर गंदे-बेतरतीब लगे पोस्टरों को हटाने का काम लखनऊ एक्सप्रेशंस की युवा टीम ने किया। यहां पेंट कराकर इसे साथ- सुथरा बनाया गया। इसके बाद एक स्थानीय नेता ने फिर से पोस्टर लगवा दिए। यह तब किया जबकि वहां पोस्टर न लगाएं की अपील तक लिखी गई थी।

हर साल होता है 50 करोड़ नुकसान

आकलन किया गया है कि हर साल करीब 10 करोड़ रुपये विज्ञापन कर के रूप में नगर निगम को नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं सार्वजनिक संपत्ति को करीब 40 करोड़ रुपये का नुकसान पोस्टर से लग रहे दाग को दूर करने में खर्च हो रहा है।

 

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