भारत से पंगा लेना पड़ेगा अब भारी, भारत करने जा रहा है अमेरिका से ड्रोन्स का सौदा

नई दिल्ली: भारत सरकार अपनी सेना की क्षमता को बढ़ाने के लिए लगभग तीन अरब डॉलर खर्च कर के 30 सशस्त्र (आर्म्ड) ड्रोन खरीदने की योजना बना रही है. प्रीडेटर ड्रोन (Predator Drones) की खासियत की बात करें तो यह कई खूबियों से लैस है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 23 सितंबर को वॉशिंगटन में चार शीर्ष अमेरिकी कंपनियों के CEO के साथ सशस्त्र ड्रोन निर्माता जनरल एटॉमिक्स के प्रमुख से भी मुलाकात करेंगे. बता दें कि PM मोदी तीन दिवसीय की अमेरिका यात्रा पर वॉशिंगटन पहुंचे हैं.

अब चीन और पकिस्तान की खेर नहीं!

सूत्रों के मुताबित, भारत सरकार अपनी सेना की क्षमता और बेहतर करने के लिए तीन अरब डॉलर खर्च कर 30 सशस्त्र (आर्म्ड) ड्रोन खरीदने की सोच रही है। अगर ऐसा होता है तो, भारत की तीनों सेनाओं के लिए 10-10 एमक्यू-9 रीपर ड्रोन खरीदने जाएंगे. अमेरिका से ड्रोन खरीदने के बाद भारतीय सेना का बल बहुत बढ़ जाएगा। सीमा चीन, पाकिस्तान जैसे कुछ देश करने से पहले कई बार सोचेंगे।

ड्रोन की कुछ ख़ास बातें

प्रीडेटर ड्रोन (Predator Drones) बहुत सी खूबियों से भरा हुआ है. यह ड्रोन 9 हार्ड प्वाइंट के साथ आता है और यह हवा में लगभग 27 घंटे तक टिका रह सकता है. यह ड्रोन हवा से जमीन पर मार करने वाली सेंसर और लेजर निर्देशित बम ले जाने वाली क्षमता से लैस है. वहीं UAV 50 हजार फीट की ऊंचाई पर संचालित होगा.

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