टिकैत करेंगे ममता बनर्जी से मुलाकात, जानिए क्या है सियासी एजेंडा?

किसान नेता राकेश टिकैत बंगाल में संगठन के लोगों से भी मिलेंगे और किसानों की बेहतरी के साथ कई मुद्दों पर मुख्यमंत्री से बात करेंगे

नई दिल्ली: कोलकाता में किसान नेता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) से आज यानी की 9 जून को 3 बजे मुलाकात करेंगे। राकेश टिकैत बंगाल में संगठन के लोगों से भी मिलेंगे और किसानों की बेहतरी के साथ कई मुद्दों पर मुख्यमंत्री से बात करेंगे। तीन कानूनों पर केंद्र सरकार को चिट्ठी लिखने के लिए कहेंगे। खेती और स्वास्थ्य पर बात होगी।

राकेश टिकैत ने बताया कि उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में अलग तरह के कार्यक्रम हैं। वहां गन्ना किसानों को भुगतान की दिक्कत रहती है। वहां की चीनी मिलों पर करीब 15,000 करोड़ रुपये सरकारों का बकाया है। वहां भी MSP पर खरीद नहीं होती। बिजली सबसे महंगी उत्तर प्रदेश में है। टिकैत ने बोला कि चुनाव में लोग सवाल करेंगे।

किसान नीतियों पर खुलकर बात

किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि बंगाल के किसान नीतियों पर सरकारों से खुलकर बात करें। जैसे उत्तर प्रदेश में 12 साल से हर महीने DC के साथ बैठक होती है, सारे अधिकारी आते हैं। यह हर जिले में लागू हो। DM को निर्देश दिया जाए कि हर महीने किसानों और यूनियन के लोगों से वहां के मुद्दों पर बैठकर बातचीत करें।

जानें MSP का मतलब

MSP का मतलब “न्यूनतम समर्थन मूल्य” है। एमएसपी वह मूल्य है जो किसानों को उनकी फसलों पर मिलता है, जो कि सरकार CACP (कृषि लागत और मूल्य आयोग) द्वारा दिए गए आंकड़ों के अनुसार निर्धारित करती है।

न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) एक कृषि उत्पाद मूल्य है, जिसे भारत सरकार द्वारा सीधे किसान से खरीदने के लिए निर्धारित किया जाता है। यह कानून द्वारा लागू करने योग्य नहीं है। यह दर फसल के न्यूनतम लाभ के लिए किसान को सुरक्षित रखने के लिए है। भारत सरकार साल में दो बार 23 वस्तुओं की कीमत तय करती है। MSP 2009 से कृषि लागत और मूल्य आयोग (CACP) की सिफारिशों पर तय किया गया है।

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