19 नवंबर से नहीं होंगे श्री बदरीनाथ के दर्शन, शुरू हुई कपाटबंदी

0

उत्तराखंड़। बदरीनाथ धाम में कपाटबंदी की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जिसके तहत पहले दिन भगवान श्री गणेश के कपाट बंद किए गए। कपाटबंदी से पहले श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश की पूजा अर्चना की। इस पूजा अर्चना में स्थानीय लोगों के अलावा देशी विदेशी श्रद्धालु भी मौजूद रहे।

इस साल 19 नवंबर को बदरीनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे। कपाटबंदी की प्रक्रिया बुधवार से बदरीनाथ धाम में शुरू हो गई है। पहले दिन भगवान श्री गणेश के कपाट बंद किए गए। बुधवार को सुबह भगवान बदरी विशाल की अभिषेक व महाभिषेक पूजाओं के साथ-साथ बाल भोग पूजा मुख्य पुजारी ईश्वरी प्रसाद नंबूदरी द्वारा की गई।

उसके बाद गणेश मंदिर के कपाट बंद करने की प्रक्रिया चालू हुई। मंदिर परिक्रमा परिसर में स्थित भगवान श्री गणेश जी के मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा पूजा अर्चना की गई। उसके बाद रावल द्वारा गणेश जी के मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद किए गए।

पंच पूजा शुरू की गई और उसके साथ ही श्री बदरीनाथ धाम के कपाट भी बंद होने शुरू हो गए। कपाट बंदी के मौके पर इस साल मंदिर को 15 क्विंटल गेंदा व जूही, चमेली के फूलों से सजाया जाएगा। श्री बदरीनाथ धाम में 17 सालों में यह पहली बार है कि रात के अंधेरे में भगवान बदरी विशाल के कपाट बंद होंगे।

loading...
शेयर करें