क्या कोरोना वैक्सीन के आने पर हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा या फिर…

नई दिल्ली|कोरोना वायरस बढ़ते संक्रमित को देखते हुए.संख्या में आए दिन बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है. कुछ मुल्कों में कोरोना के दूसरी लहर की रिपोर्ट आ रही है. यहां तक कि दुनिया के कुछ हिस्सों में महामारी के तीसरी लहर की भी खबर है.दुनिया को कोविड-19 के खिलाफ वैक्सीन का शिद्दत से इंतजार है.इस बीच बड़े पैमाने पर टीकाकरण को लेकर आशंका जताई जा रही है.ब्रिटेन में किए गए अध्ययन में छह लोगों में से एक ने वैक्सीन का इस्तेमाल करने से इंकार कर दिया. ऐसे में टीकाकरण मुहिम में बड़ी आबादी छूट गई तो क्या होगा उससे बदतर और क्या होगा जब वैक्सीन महामारी से लड़ने में सक्षण साबित न हो.

क्या वैक्सीन वास्तव में दुनिया को बचा सकती है?

वर्तमान में 110 से ज्यादा वैक्सीन परीक्षण के अलग-अलग चरण में शामिल हैं. भारत समेत ज्यादातर देश कोविड वैक्सीन परीक्षण के शुरुआती चरणों में हैं. सिर्फ चार वैक्सीन मानव परीक्षण के तीसरे चरण तक पहुंच पाई है. तेजी से विकास के बावजूद आशंका है कि कोविड-19 के खिलाफ वैक्सीन रामबाण साबित न हो. कई सारी ऐसी खामियां और परिस्थितियां हो सकती हैं जिससे वैक्सीन का इस्तेमाल सुरक्षा के योग्य न ठहरे. इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि वैक्सीन हमेशा के लिए बीमारी खत्म कर सके. इसलिए सिर्फ वैक्सीन पर भरोसा कर लेना अक्लमंदी नहीं होगी.

वैक्सीन के पूरी तरह असरदार होने की गारंटी नहीं

सैद्धांतिक रूप से वैक्सीन सामान्य दिखाई दे सकती है मगर इस्तेमाल और व्यवहार में काफी पेचीदा मामला है. संभावना और आशंका के बीच कोरोना वायरस की वैक्सीन सौ फीसद प्रभाही नहीं होगी. हालांकि पिछले महीने फार्मा कंपनियों की विकसित वैक्सीन को सुरक्षा और प्रभाव के लिहाज से उम्मीद को बढ़ानेवाला पाया गया है.

वर्तमान परिस्थिति में वैक्सीन के प्रभावी होने पर दुविधा

वर्तमान समय बता रहा है कि अलग-अलग शहरों में कोरोना संक्रमण के मामले अलग-अलग हैं. बीमारी भले ही खत्म न हो मगर उसे खास जगह तक सीमित कर महामारी को फैलने से रोका जा सकता है. वैक्सीन का सपना सच होने से पहले दुनिया को दोबारा संक्रमण रोकने के लिए उपाय अपनाने चाहिए. संक्रमित की पहचान कर, कंटैक्ट ट्रेसिंग, सोशल डिस्टेंसिंग की बहाली, कोरोना पॉजिटिव पाए गए लोगों के लिए सख्त क्वारंटीन, सेरो सर्वे को बार-बार अंजाम देकर फैलाव को सीमित किया जा सकता है. वैज्ञानिकों ने कहा है कि कोरोना मामले की कम दर वाले मुल्कों ने बताए गए उपायों पर अमल किया है और क्वारंटीन के नियम लागू कर महामारी को फैलने से रोकने में सफलता पाई है.

वैक्सीन से ज्यादा क्या असरदार साबित हो सकता है?

वर्तमान समय में चौकस निगरानी, आइसोलेशन, संक्रमण को काबू और पहचान कर भविष्य के लिए कोविड-19 को हराया जा सकता है. कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि एंटी वायरल दवाइयों का इस्तेमाल भी वैक्सीन के मुकाबले ज्यादा प्रभावी उपाय साबित होंगे. उनका कहना है कि बुजुर्गों के लिए भी एंटी वायरल दवा इलाज का विकल्प हो सकती है. उन लोगों के लिए भी एंटी वायरल दवाइयों का डोज मुफीद साबित होगा जिन्हें डॉक्टरों की तरफ से वैक्सीन के इस्तेमाल को मना कर दिया गया है. वैक्सीन के वितरण से पहले विकल्पों को अपनाया जा जा सकता है.

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