क्या देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए डिफेंस को भी निजी क्षेत्रों के हवाले कर देगी सरकार?

नई दिल्ली: देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए केंद्र सरकार निजी क्षेत्रों पर ज्यादा जोर दे रही है। जहां सरकार ने देश एयरपोर्ट और रेलवे समेत कई सेक्टरों को निजी क्षेत्रों को सौंपने के लिए कहा है, तो वहीं अब सरकार डिफेंस में भी निजी क्षेत्रों को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है।

बजट 2021 में रक्षा क्षेत्र के प्रावधानों लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि रक्षा के पूंजीगत बजट में भी घरेलू खरीद के लिए एक हिस्सा रिजर्व कर दिया गया है। उन्होंने निजी क्षेत्र से आग्रह किया कि विनिर्माण के साथ-साथ डिजायन और विकास में भी निजी क्षेत्र आगे आए और भारत का विश्व भर में परचम लहराएं।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि छोटे और मझौले उद्योग विनिर्माण सेक्टर के लिए रीढ़ का काम करती हैं। अभी जो सुधर हो रहे हैं, उससे इन उद्योगों को ज्यादा आजादी मिल रही है, उनको विस्तार के लिए बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने कहा कि जो डिफेंस कॉरिडोर बनाए जा रहे हैं, वो भी स्थानीय उद्यमियों, लोकल मैन्यूफैक्चरिंग को मदद करेंगे। अगर आज हमारे डिफेंस सेक्टर में आत्मनिर्भरता को हमें ‘जवान भी और नौजवान भी’ इन दोनों मोर्चों के सशक्तिकरण के रूप में देखना होगा।

डिफेंस
डिफेंस

 

आजादी के बाद मजबूती नहीं मिली

PM मोदी ने कहा कि आजादी के पहले देश में सैकड़ों ऑर्डिनेंस फैक्ट्रियां होती थी। दोनों विश्व युद्धों में भारत से बड़े पैमाने पर हथियार बनाकर भेजे गए थे। लेकिन आजादी के बाद अनेक वजहों से इस व्यवस्था को उतना मजबूत नहीं किया गया, जितना किया जाना चाहिए था।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने अपने इंजीनियरों-वैज्ञानिकों और तेजस लड़ाकू विमान की क्षमताओं पर भरोसा किया है और आज तेजस शान से आसमान में उड़ान भर रहा है। कुछ सप्ताह पहले ही तेजस के लिए 48 हजार करोड़ रुपए का ऑर्डर दिया गया है। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास पारदर्शिता , संभावनाओं और व्यापार सुगमता के साथ इस सेक्टर में आगे बढ़ रहे हैं।

निर्माण क्षमता बढ़ने वाली है

PM मोदी ने कहा कि रक्षा क्षेत्र में आयात पर निर्भरता कम करने के लिए 100 ऐसे आइटम की सूची बनाई गई है जिसका आयात नहीं किया जाएगा। वैसे तो इसे नेगेटिव सूची कहा जाता है लेकिन आत्मनिर्भरता की भाषा में यह पॉजिटिव लिस्ट है जिसके बल पर हमारी अपनी निर्माण क्षमता बढ़ने वाली है। ये वो पॉजिटिव लिस्ट है जो भारत में ही रोज़गार निर्माण का काम करेगी। ये वो पॉजिटिव लिस्ट है जो अपनी रक्षा ज़रूरतों के लिए हमारी विदेशों पर निर्भरता को कम करने वाली है। ये वो पॉजिटिव लिस्ट है, जिसकी वजह से भारत में बने प्रॉडक्ट्स की, भारत में बिकने की गारंटी है।

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