पति की मौत पर महिला ने उठाया ऐसा कदम, सभी रह गए दंग

0

देहरादून। सती प्रथा का नाम सुनते ही लोग अभी भी सिहिर उठते हैं। खासकर महिलाएं, जिन्हें अग्नि की वेदी पर बैठकर खुद के प्राणों का बलिदान सिर्फ इस वजह से देना पड़ता था कि उनका पति नहीं रहा। उस दौरान ऐसा माना जाता था कि पति की मृत्यु के बाद पत्नी को जीने का अधिकार नहीं रह जाता। उसे बोझ समझा जाने लगता था। पर आज के इस आधुनिक युग में कोई ऐसा करे तो लोगों का खून खुल उठेगा। लेकिन ऐसा हुआ है, पर किसी के दबाव में नहीं। महिला ने पति की मृत्यु की खबर सुनने के बाद खुद को आग में झोंक दिया। फिलहाल मामले की भनक लगते ही स्थानीय लोग उस महिला को बचाने के लिए दौड़ पड़े। महिला को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।

हाईकोर्ट का आदेश- अब सीज कर लिए जाएंगे गाड़ी चलाते वक्त…

सती प्रथा

बता दें महिला अस्तपताल में जिंदगी और मौत के दोराहे पर खड़ी है। हालत काफी गंभीर है। शरीर पूरी तरह झुलस चुका है। डॉक्टर उसे बचाने की भरसक कोशिश कर रहे हैं।

खबरों के मुताबिक़ कोमल लगभग 60 से 70 फीसदी तक झुलस चुकी है। फिलहाल उसका उपचार चल रहा है। वहीं दूसरी ओर फरार ट्रक चालक की तलाश की जा रही है। थाने में अज्ञात चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। ट्रक को चौकी लाकर सीज कर दिया गया है।

बता दें कोमल मेरठ की रहने वाली है और परिजनों की मर्जी के बगैर शुभम नाम के युवक से शादी की थी। वह पांच माह पहले शुभम के साथ देहरादून आई थी।

मोबाइल बनाने से किया मना तो दुकानदार को मार दी गोली

बकौल नितिन (शुभम का बड़ा भाई) उन्होंने उस वक्त ही पुलिस को जानकारी दी थी और एक मंदिर में शुभम और कोमल की शादी कराई थी। इसके बाद से नितिन कोमल को बहन मानने लगा था।

शुभम की एक सड़क हादसे में मौत हो गई। हादसे की खबर मिलते ही कोमल बस यही कह रही थी कि ‘जिसके भरोसे मैं अपने मां-बाप को छोड़कर यहां आई थी अब वही नहीं रहा तो मैं भी जी कर क्या करूंगी? अब मेरे मां-बाप भी मुझसे बात नहीं करते हैं।’

नितिन के अनुसार उसने कोमल को काफी समझाया। कुछ देर बाद जब वह थोड़ी नॉर्मल हुई और कमरे में चली गई। नितिन अपनी मां के साथ शुभम के पास अस्पताल (मोर्चरी) आ गया। थोड़ी देर बाद ही खबर मिली कि कोमल ने भी आत्मघाती कदम उठा लिया है।

शुभम के ताऊ दिल्ली क्राइम ब्रांच में तैनात हैं। उन्होंने ही शुभम को इन्नोवा खरीदकर टैक्सी में चलाने को दी हुई थी। शुभम ने पहले ही पढ़ना लिखना छोड़ दिया था अब टैक्सी चलाकर ही वह अपने परिवार का पालन पोषण कर रहा था। शुभम का बड़ा भाई नितिन मुजफ्फरनगर से पढ़ाई कर रहा है।

loading...
शेयर करें