67 सालों बाद अमेरिका (America) में दी जा रही है मौत की सजा, जानिए किसे और क्यों?

अमेरिका में 1953 में जो आखिरी बार मौत की सजा दी गई थी। कैदी को मारने के लिए सजायाफ्ता को गैस चेंबर में रखकर मौत की सज़ा दी गई थी। हालांकि पिछले साल ट्रंप प्रशासन ने नया फैसला लिया ।ट्रंप प्रशासन ने कहा था कि वो सरकार द्वारा मौत की सज़ा देने की कार्रवाई फिर शुरू करेंगे।

वॉशिंगटन: अमेरिका से एक बेहद ही हैरान कर देनी वाली खबर सामने आई है। दरअसल यहां 67 साल के बाद किसी महिला को सजा मिली है। बता दें कि कैनसस सिटी में 52 साल की लीसा मोंटगोमरी को मौत की सजा मिली है। साल 1953 के बाद यह पहला ऐसा मामला है जब किसी महिला को अमेरिका में सजा मिली हो।

लीसा की सजा क्या है?

लीसा पर आरोप है कि साल 2004 में उसने एक गर्भवती महिला का गला घोंटकर हत्या कर दी थी। हत्या करने के बाद लीसा ने आठ महीने की गर्भवती महिला के पेट में पहले चाकू से चीरा लगाया। फिर उसके बच्चे का अपहरण करके वहां से भाग गई। इसके बाद लीसा ने कुछ वक्त तक उस बच्चे को अपना बच्चा जताने की कोशिश भी की थी।

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महिला आठ महीने की गर्भवती थी। लीसा पिल्ला खरीदने का बहाना करके बॉबी के घर पहुंची और फिर बॉबी की गला घोटंकर हत्या कर  उसके बच्चे को लेकर वहां से फरार हो गई।

इसके बाद साल 2007 में, एक जूरी ने लीसा को हत्या और अपहरण का दोषी पाया और सर्वसम्मति की सजा में उसे मौत की सजा दिए जाने की सिफारिश की। लेकिन मोंटगोमरी के वकील ने यह दलील दी थी कि बचपन में लीसा मोंटगोमरी को बहुत ज़्यादा पीटा गया, उसका उत्पीड़न हुआ जिससे उसके मस्तिष्क को नुकसान हुआ है। इसलिए उन्हें मौत की सजा न दी जाए।

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अमेरिका में आखिरी बार कब दी गई थी मौत की सजा?

अमेरिका में 1953 में जो आखिरी बार मौत की सजा दी गई थी। कैदी को मारने के लिए सजायाफ्ता को गैस चेंबर में रखकर मौत की सज़ा दी गई थी। हालांकि पिछले साल ट्रंप प्रशासन ने नया फैसला लिया ।ट्रंप प्रशासन ने कहा था कि वो सरकार द्वारा मौत की सज़ा देने की कार्रवाई फिर शुरू करेंगे।  बता दें कि साल 1972 के एक निर्णय में अमरीकी सुप्रीम कोर्ट ने सभी मौजूदा मृत्युदण्ड क़ानूनों को रद्द कर दिया था, जिसके प्रभाव से सभी अपराधियों की मौत की सज़ा रद्द हो गई थी।

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