निराश्रित महिला पेंशन योजना से महिलाओं को मिल रहा है आर्थिक संबल

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेशवासियों के कल्याण हेतु विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का संचालन कर रही है। ऐसी ही एक योजना है ‘पति की मृत्यु के उपरान्त निराश्रित महिला पेंशन योजना’, जिसके माध्यम से प्रदेश की लाखों महिलाओं को सरकार पेंशन प्रदान कर रही है। किसी महिला के पति की मृत्यु हो जाने पर उस महिला द्वारा इस योजना का लाभ लिया जा सकता है।

उल्लेखनीय है कि पति की मृत्यु के उपरान्त एक महिला के लिए परिवार की जिम्मेदारी संभालना बेहद चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे समय में यह पेंशन योजना निराश्रित महिलाओं के लिए एक सहारा बन रही है। प्रदेश सरकार के महिला कल्याण विभाग द्वारा यह पेंशन योजना उन निराश्रित महिलाओं के लिए चलायी जा रही है, जिन्होंने अपने पति को मृत्यु के कारण खो दिया है।

पति की मृत्यु के उपरान्त निराश्रित महिला पेंशन योजना के अन्तर्गत पात्र लाभार्थियों को रू0 500/- प्रतिमाह की दर से चार तिमाही में पेंशन का भुगतान पी0एफ0एम0एस0 के माध्यम से उनके बैंक खातें में किया जाता है। इस प्रकार कुल 6000/-रूपए की राशि एक वर्ष में पात्र लाभार्थी के बैंक खाते में प्रेषित की जाती है।

इस योजना से आच्छादित होने के लिए पात्रता निर्धारित की गयी है। जिसके अन्तर्गत 18 वर्ष से अधिक आयु की ऐसी महिलाएं, जो उत्तर प्रदेश की स्थायी निवासी हों व उनके पति की मृत्यु हो चुकी हो, पात्र होती हैं। साथ ही उनकी पारिवारिक वार्षिक आय रूपए 02 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए। पात्र लाभार्थियों को देय धनराशि पी0एफ0एम0एस0 के माध्यम से उनके बैंक खाते में हस्तान्तरित की जाती है।

निराश्रित महिला पेंशन योजना की सार्थकता इस योजना के प्रतिवर्ष बढ़ते लाभार्थियों की संख्या से सिद्ध हो जाती है। वर्ष 2017 से वर्ष 2021 तक वर्तमान प्रदेश सरकार के कार्यकाल में पति की मृत्यु उपरान्त निराश्रित महिला पेंशन योजना के अन्तर्गत कुल 12,12,936 नए लाभार्थी जोड़े जा चुके हैं। योजना के अन्तर्गत वर्ष 2016-17 में लाभार्थी संख्या 17,31,941 थी। वर्ष 2017-18 में लाभार्थियों की संख्या 2,05,747 की वृद्धि के साथ 19,37,688 थी। 2018-19 में लाभार्थियों की संख्या 3,13,798 की वृद्धि के साथ 22,51,486 थी।

वर्ष 2019-20 में लाभार्थी संख्या 26,09,931 हो गयी। इस प्रकार 2019-20 में लाभार्थियों की संख्या में 3,58,445 की वृद्धि हुई। वर्ष 2020-21 में लाभार्थियों की संख्या 1,85,442 की वृद्धि के साथ 27,95,373 थी, जबकि वर्ष 2021-22 की प्रथम तिमाही में ही निराश्रित महिला पेंशन योजना के लाभार्थियों की संख्या में 1,49,504 की वृद्धि हुई, और वर्ष 2021-22 की प्रथम तिमाही तक निराश्रित महिला पेंशन योजना से आच्छादित महिलाओं की कुल संख्या 29,44,877 है। इस प्रकार वर्ष 2017 से वर्ष 2021 तक पति की मृत्यु उपरान्त निराश्रित महिला पेंशन योजना के अन्तर्गत कुल 12,12,936 नये लाभार्थी जुड़ चुके हैं।

बरेली, प्रयागराज, आजमगढ़, सहारनपुर तथा जौनपुर प्रदेश के टॉप 05 जिले हैं जहां इस योजना के अन्तर्गत सर्वाधित लाभार्थियों को जोड़ा गया है। इस पेंशन योजना में वर्तमान सरकार के कार्यकाल में वर्ष 2017 में सुधार या परिवर्तन करते हुए लाभार्थी की आयु की अधिकतम सीमा को समाप्त कर दिया गया, तथा लाभार्थियों की वार्षिक आय रूपए 02 लाख निर्धारित की गयी थी। इस प्रकार अब इस योजना का लाभ 18 वर्ष से ऊपर की किसी भी आयु की महिला ले सकती है जिसके पति की मृत्यु हो चुकी हो एवं उनकी पारिवारिक आय रू0 02 लाख से अधिक न हो।

इस महिला पेंशन योजना के माध्यम से प्रदेश सरकार ऐसी महिलाओं के आर्थिक भार को कम कर उनकी सहायता करने का प्रयास कर रही है और यह पेंशन योजना निराश्रित महिलाओं के लिए सहारा बन रही है।

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