झारखंड में खेती की आधुनिक विधि अपनाकर आत्मनिर्भर बन रहीं महिला किसान

अब गांव की समूह से जुड़ी महिलाएं जमकर खेती कर रही हैं और खूब मुनाफा भी कमा रही हैं।

रांची: झारखंड में जोहार परियोजना के तहत कृषि को आधुनिक तकनीक से जोड़े जाने के बाद खूंटी जिले के घाघरा में समूह से जुड़ी महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव आया है।

खूंटी जिले के घाघरा की महिलाएं अपने खेतों में पावर टीलर की मदद से खेती करने लगीं हैं। पावर टीलर की तरह ही अब इन महिलाओं का जीवन भी फर्राटे भरने लगा है। यह सब संभव हो पाया है कृषि को आधुनिक तकनीक से जोड़े जाने के बाद। अब गांव की समूह से जुड़ी महिलाएं जमकर खेती कर रही हैं और खूब मुनाफा भी कमा रही हैं।

दरअसल, गांव में खेतों के जोत का आकार छोटा होने से वहाँ ट्रैक्टर पहुँचना संभव नहीं हो पाता था। साथ ही, वह ग्रामीणों के लिए काफी खर्चीला भी होता था। पावर टीलर की जुताई पतली भी होती है, जो खेतों की सेहत के लिए भी अच्छा माना जाता है।

जोहार परियोजना के तहत राज्य के किसानों को आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि उनकी कृषि को उन्नत बनाया जा सके। केवल खूंटी जिले में अबतक पैंतीस सौ किसानों को इसका लाभ पहुँचाया जा चुका है। घाघरा के ग्रामीणों के आर्थिक क्रियाकलाप का प्रमुख माध्यम कृषि है। लेकिन, परंपरागत तरीके से हो रही खेती में ग्रामीणों को वाजिब मुनाफा नहीं मिल पा रहा था। अब इस आधुनिक तकनीक से जुड़ने के बाद इनके दिन बहुरने लगे हैं।

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