फोन करके वो बोली, आओ घर में कोई नहीं है फिर….

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adorable-vampire-halloween-contact-makeupजयपुर। पुलिस ने महिलाओं के एक ऐसे गिरोह को अपनी गिरफ्त में ले लिया है जो ज्वैलर्स व कपड़ा व्यापारियों को दुष्कर्म केस में फंसाने की धमकी देकर रुपए ऐंठती थी। बदनामी के डर से पीड़ित समझौते के लिए तैयार हो जाते थे।

बताया जा रहा है कि आरोपी दिलीप व राकेश शर्मा ज्वैलर्स व कपड़ा व्यापरियों की जानकारी लेते थे। इसके बाद दोनों महिलाओं को व्यापारियों के पास वस्तुएं खरीदने के लिए ले जाते थे। वहां पहले खरीदारी की बात करते। महिलाओं को व्यापारियों से बात करते छोड़कर राकेश व दिलीप वहां से चले जाते थे।

अकेले में ले लेती थीं अपने झांसे में…

राकेश व दिलीप के जान के बाद महिलाएं व्यापारियों को झांसे में ले लेती थीं और फोन नंबर शेयर कर लेती थी। महिलाएं व्यापारियों को अपनी बातों में उलझाकर घर बुलाती थी। घर में दरवाजा बंद कर दिलीप व राकेश व्यापारियों के साथ मारपीट करते। इसके बाद दोनों महिलाओं के साथ व्यापरियों की मोबाइल में फोटो खींच लेते। ब्लैकमेल कर रुपए नहीं देने पर दुष्कर्म केस में फंसाने की धमकी देते।

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बरामद हुए जमीनों के दस्तावेज

पुलिस ने व्यापारी की निशानदेही पर महिलाओं और दो युवकों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों से थार जीप, स्टाम्प, जमीनों के दस्तावेज बरामद किए हैं। आरोपियों ने जयपुर में दो साल से मकान किराए पर लेकर करीब 20 से अधिक लोगों को ठगना स्वीकार किया है। आरोपी ठगी के रुपए जमीन में निवेश करते थे। थानाधिकारी शिवकुमार शर्मा ने बताया कि आरोपी गणेश नगर हरमाड़ा की गुलाबी उर्फ सुनीता जाट व उसका भाई दिलीप उर्फ मुकेश, नारायणनगर दादी का फाटक की कंचन उर्फ सुमन जांगिड़ व नवलगढ़ झूंझुनू का राकेश शर्मा है। सुनीता और कंचन ने अपने पतियों को छोड़ रखा है जबकि बच्चे साथ रहते हैं।

स्टाम्प पर लिखित समझौता करती थी महिलाएं

आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि बदनामी के डर से व्यापारी रुपए देकर समझौता करने के लिए तैयार हो जाते थे। लिखित में समझौता करने के लिए आरोपी, व्यापारियों से सौ रुपए का स्टाम्प मंगवाते थे। इसके बाद घर में ही राकेश व दिलीप स्टाम्प पर लिखा-पढ़ी करते थे। गवाहों में दिलीप व राकेश कोई एक महिला हस्ताक्षर कर देते और स्टाम्प को आरोपी अपने पास रख लेते थे। व्यापारी मोबाइल में खिंची फोटो और स्टाम्प की लिखत-पढ़त से डरकर आरोपियों को रुपए दे जाते। रुपए देने के बाद आरोपी व्यापारियों के सामने स्टाम्प को फाड़कर जला देते और मोबाइल की फोटो भी डिलीट कर देते थे।

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