World Cancer Day 2021: पुरूषों में क्यों होते हैं फेफड़ो के कैंसर, जानें रामबाण इलाज

विश्व कैंसर दिवस हर साल फरवरी के दूसरे रविवार को मनाया जाता है, लगभग 22% कैंसर से होने वाली मौतों का कारण तम्बाकू और सिगरेट होता है

नई दिल्ली: विश्व कैंसर दिवस हर साल फरवरी के दूसरे रविवार को मनाया जाता है। इस बार यह दिवस (World Cancer Day 2021) 4 फरवरी को पूरी दुनिया में मनाया जा रहा है। लगभग 22% कैंसर से होने वाली मौतों का कारण तंबाकू और सिगरेट होता है।

कैंसर एक ऐसी बीमारी है जहां शरीर के अन्य हिस्सों में आक्रमण (Attack) या फैलने की क्षमता के साथ असामान्य रूप से बढ़ती हैं। 1933 में अंतर्राष्ट्रीय कैंसर नियंत्रण संघ ने स्विट्जरलैंड में जिनेवा में पहली बार विश्व कैंसर दिवस मनाया।

क्यों मनाया जाता है कैंसर दिवस?

  • कैंसर के  प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए।
  • लोगों को शिक्षित करके और इस रोग के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए
  • दुनिया भर में सरकारों और व्यक्तियों को समझाने के लिए।
  • हर साल लाखों लोगों को मरने से बचाने के लिए कैंसर दिवस मनाया जाता है।

क्या है कैंसर?

हमारा शरीर बहुत सारे कोशिकाओं से मिलकर बना होता है। यह कोशिकाएं नियमित और नियंत्रित तरीके से विभाजित होती रहती हैं और यही कोशिकाएं धीरे-धीरे एक गांठ के रूप में जमा हो जाती हैं। वहीं ट्यूमर का रूप ले लेती है। जो कुछ दिनों तक अपने स्थान पर रहती हैं और फिर धीरे-धीरे पूरे शरीर को प्रभावित करती है। जिसे कैंसर (Cancer) बोला जाता है।

सबसे ज्यादा कैंसर का खतरा

पुरुषों में कैंसर का सबसे ज्यादा खतरा जननांग के पार्ट में होने वाले प्रोस्टेट कैंसर से होता है। फेफड़ों (Lungs) में कैंसर के बाद सबसे ज्यादा मौत प्रोस्टेट कैंसर की वजह से ही होती हैं।

सिगरेट (Smoking) पीने के कारण पुरूषों को सबसे ज्यादा कैंसर फेफड़ो में होता है। आज कल युवा वर्गो में सिगरेट पीना एक फैशन बन गया है। वे खुद तो सिगरेट पीते ही हैं और साथ में अपने साथ दूसरे दोस्तों को भी Smoking करने के लिए फोर्स करते हैं। कम उम्र में युवा सिगरेट पीना शुरू कर देते हैं। उन्हें अच्छा लगता है सिगरेट पीना लेकिन जब वो 40 या 50 साल के होते हैं तो इसका दुष्प्रभाव दिखने लगता है। उनके हड्डियों (Bones) में धीरे-धीरे एक छिद्र होने लगती है। जिसका दर्द बहुत ही असहनीय होता है। उनके पेट में एक जहरीला द्रव्य जमने लगता है। जिसे ऑपरेशन के द्वारा शरीर से बाहर निकाला जाता है। तब उन्हें यह लगता है कि काश मैं सिगरेच नही पीता।

महिलाओं में स्तन कैंसर, गर्भाशय, कोलोरेक्टल, अंडाशय में कैंसर अधिक पाए जाते हैं। महिलाओं में होने वाले बच्चेदानी के कैंसर को वैक्सीन से रोका जा सकता है। इसके लिए लड़कियों को शादी से पहले 12 या फिर 24 साल के उम्र में वैंक्सीन देनी होता है लेकिन जागरूकता के अभाव के कारण यह वैक्सीन उन्हें नही लग पाती है।

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Cancer (कैंसर) के लक्षण

  • संभावित लक्षणों में एक गांठ, असामान्य रक्तस्राव, लंबे समय तक खांसी, वजन में कमी और आंत्र आंदोलनों (Bowel Movements) में बदलाव शामिल हैं।
  • 10% मोटापा, खराब आहार, शारीरिक गतिविधि की कमी, या अत्यधिक शराब पीने के कारण होते हैं।
  • 15% कैंसर हेपेटाइटिस बी, हेपेटाइटिस सी, मानव पेपिलोमा वायरस संक्रमण जैसे संक्रमणों के कारण होते हैं।
  • लगभग 5-10% कैंसर व्यक्ति के माता-पिता से वंशानुगत आनुवंशिक दोष के कारण होते हैं।

Cancer (कैंसर) से बचने के उपाय

  • जब कैंसर होने का संकेत और लक्षणों के कारण का पता चले तो मेडिकल इमेजिंग द्वारा इसकी जांच की जाएगी, और बायोप्सी द्वारा, पुष्टि की जाएगी।
  • धूम्रपान न करने और स्वस्थ वजन बनाए रखने से कई कैंसर को रोका जा सकता है।
  • कैंसर से लड़ने में सबसे ज्यादा रामबाण इलाज है व्रत और उपवास
  • शराब का सेवन सीमित दायरे में करें, फल, सब्जियां और साबुत अनाज खाने के साथ-साथ लाल मांस और अत्यधिक धूप से बचने से कैंसर का खतरा कम होता है।
  • कुछ संक्रामक रोगों जैसे मानव पेपिलोमा वायरस के खिलाफ टीकाकरण से कैंसर का खतरा कम हो जाता है।

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