World Environment Day 2021: लोगों को मिला गिफ्ट में ‘तुलसी’ का पौधा, जानिए इस दिन का इतिहास

वाराणसी में पर्यावरण दिवस पर नमामि गंगे के सदस्यों ने गंगा की आरती कर लोगों को तुलसी का पौधा दिया और गंगा की सफाई की है

नई दिल्ली: विश्व पर्यावरण दिवस (World Environment Day) पर्यावरण की सुरक्षा और संरक्षण हेतु पूरे विश्व में मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने की घोषणा संयुक्त राष्ट्र ने पर्यावरण के प्रति वैश्विक स्तर पर राजनीतिक और सामाजिक जागृति लाने हेतु साल 1972 में की थी। इसे 5 जून से 16 जून तक संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा आयोजित विश्व पर्यावरण सम्मेलन में चर्चा के बाद शुरू किया गया था। 5 जून 1974 को पहला विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया।

गंगा की आरती

वाराणसी (Varanasi) में पर्यावरण दिवस पर नमामि गंगे के सदस्यों ने गंगा की आरती कर लोगों को तुलसी का पौधा दिया और गंगा की सफाई की। नमामि गंगे के संयोजक ने बताया कि, विश्व को प्रदूषण मुक्त करने के संकल्प के साथ काशी की गंगा की तलहटी की सफाई करके जल संरक्षण का संदेश दिया है।

History of Environment Day

साल 1972 में संयुक्त राष्ट्र द्वारा मानव पर्यावरण (Environment)  विषय पर संयुक्त राष्ट्र महासभा का आयोजन किया गया था। इसी चर्चा के दौरान विश्व पर्यावरण दिवस का सुझाव भी दिया गया और इसके दो साल बाद 5 जून 1974 से इसे मनाना भी शुरू कर दिया गया। 1987 में इसके केंद्र को बदलते रहने का सुझाव सामने आया और उसके बाद से ही इसके आयोजन के लिए अलग अलग देशों को चुना जाता है। इसमें हर साल 143 से अधिक देश हिस्सा लेते हैं और इसमें कई सरकारी, सामाजिक और व्यावसायिक लोग पर्यावरण की सुरक्षा, समस्या आदि विषय पर बात करते हैं।

Environment Day का महत्व

पर्यावरण को सुधारने हेतु यह दिवस महत्वपूर्ण है जिसमें पूरा विश्व रास्ते में खड़ी चुनौतियों को हल करने का रास्ता निकालता हैं। लोगों में पर्यावरण जागरूकता को जगाने के लिए संयुक्त राष्ट्र द्वारा संचालित विश्व पर्यावरण दिवस दुनिया का सबसे बड़ा वार्षिक आयोजन है। इसका मुख्य उद्देश्य हमारी प्रकृति की रक्षा के लिए जागरूकता बढ़ाना है।

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