प्लास्टिक प्रदूषण को खत्म करने के लिए लगे हैं 50 देश

संयुक्त राष्ट्र। संयुक्त राष्ट्र की मंगलवार को जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि 50 राष्ट्र इस समय प्लास्टिक प्रदूषण के खिलाफ कार्य कर रहे हैं। बीबीसी के मुताबिक, संयुक्त राष्ट्र की रपट में खुलासा हुआ है कि गैलापागोस एक बार इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक पर और श्रीलंका स्टाइरोफोम पर प्रतिबंध लगाएगा और चीन सड़ने वाले बैग पर जोर देगा। बहुत से विकासशील देशों में प्लास्टिक के थैले नालियों को जाम करके बाढ़ का कारण बन रहे हैं या पशु इन्हें खा जाते हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि प्लास्टिक कचरे से निपटने के लिए नीतियों के मिले-जुले परिणाम रहे हैं। कैमरून में प्लास्टिक के थैले पर प्रतिबंध है और परिवारों द्वारा जमा किए गए प्रति किलोग्राम प्लास्टिक कचरे के लिए भुगतान किया जाता है, लेकिन फिर भी प्लास्टिक बैगों की तस्करी की जाती है। बहुत से देशों में प्लास्टिक पर नियम बने हैं, लेकिन इन्हें सही तरीके से लागू नहीं किया गया है।

रिपोर्ट में प्लास्टिक के ए-जेड तक 35 संभावित जैव विकल्प प्रस्तुत किए गए हैं। यह अबाका के रेसे (अखाद्य केला मुसा टेक्टिलिस) से जीइन (मक्का के प्रोटीन) तक शामिल हैं। इस सूची में खरगोश का फर, समुद्री घास और कवक से बने फोम शामिल हैं। इसमें क्यूमिल्च शामिल है। क्यूमिल्च कंपनी बेकार दूध से केसीन टेक्सटाइल फाइबर बनाती है।इसमें पिनाटेक्स के बारे में बताया गया है। यह प्लास्टिक का विकल्प है, जो अनन्नास की पत्तियों से बनता है।

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