World Forestry Day : वनों की कटाई है Environment Change की बड़ी वजह, हो सकते हैं भयावह परिणाम!

वनों का संरक्षण हमारे लिए बेहद जरूरी है। इसीलिए हर साल 21 March को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 'विश्व वानिकी दिवस' यानी World Forestry Day मनाया जाता है।

नई दिल्ली : वनों का संरक्षण हमारे लिए बेहद जरूरी है। वनों के बिना हम मानव जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकते हैं। इसीलिए हर साल 21 March को पेड़ों के महत्व के बारे में जन-जागरूकता फैलाने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ‘विश्व वानिकी दिवस’ यानी World Forestry Day मनाया जाता है। World Forestry Day की शुरुआत साल 1971 में की गई थी। दरअसल जंगलों को बचाए रखने के लिए European Agricultural Organization की 23वीं आम बैठक में World Forestry Day को मनाने का फैसला किया गया था। तब से प्रतिवर्ष 21 March को ‘विश्व वानिकी दिवस’ के रूप में मनाया जाता है।

हर साल होती है अलग थीम

हर साल अलग-अलग थीम पर इस दिन को मनाया जाता है। इस साल World Forestry Day की थीम, ‘Forest Restoration: A Path to Recovery and Well Being ‘ है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार इस साल की थीम UN Decade on Ecosystem Restoration (2021-2030) पर आधारित है। जिसका मुख्य उद्देश्य उद्देश्य दुनियाभर के ecosystem का बचाव और पुनरुत्थान करना है।

2012 में United Nations ने की थी घोषणा

बाद में संयुक्त राष्ट्र खाद्य और कृषि संगठन ने भी 21 मार्च को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ‘विश्व वानिकी दिवस’ मनाने के लिए अपनी सहमति दे दी थी। बता दें कि संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 28 नवंबर 2012 को एक प्रस्ताव पारित करते हुए प्रतिवर्ष 21 मार्च को World Forestry Day के रूप में मनाने की घोषणा की थी। लोगों को पेड़ों का महत्व समझाने और जागरूकता फैलाने के लिए संयुक्त राष्ट्र ने यह कदम उठाया था। वानिकी के 3 महत्वपूर्ण तत्वों- सुरक्षा, उत्पादन और वन विहार के बारे में लोगों तक जानकारियां पहुंचाने के लिए भी World Forestry Day की शुरुआत की गई थी।

वनों की कटाई है विकट समस्याओं का बड़ा कारण

विशेषज्ञों की मानें तो जंगल वास्तव में एक ऐसी जगह है जहां न जाने कितने ही विभिन्न प्रकार के जीव-जंतु, पेड़-पौधे, कीट-पतंगे एक-दूसरे पर निर्भर होकर अपना जीवन बिताते हैं। लेकिन जिस तरह से पिछले कुछ दशकों से मनुष्य अपने लालच के चलते वनों का वध कर रहा है। उससे यही साबित होता है कि जल्द ही सभी को इसके भयावह परिणाम देखने को मिल सकते हैं। जंगलों की कटाई की वजह से ही आज मनुष्यों को जलवायु परिवर्तन, ग्लोबल वॉर्मिंग, ग्लेशियर का पिघलना जैसी विकट समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

वनों से है दुनिया के 1.6 बिलियन लोगों की आजीविका

संयुक्त राष्ट्र की माने तो दुनिया के लगभग 1.6 बिलियन लोग अपने भोजन, आवास और दवाईयों के साथ-साथ आजीविका के लिए सीधे तौर पर वनों पर निर्भर होते हैं। हर साल दुनियाभर में लगभग 10 मिलियन हेक्टेयर वन का काम होता है जो कि वायु परिवर्तन का मुख्य कारण है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार हम जिन दवाइयों का इस्तेमाल करते हैं उनमें से 25 प्रतिशत दवाइयाँ इन्हीं वनों से प्राप्त हुई चीज़ों से बनती हैं। न्यूयॉर्क, टोक्यो, बार्सिलोना और बोगोटा समेत कई बड़े शहरों का एक तिहाई हिस्सा पीने के पानी के लिए इन संरक्षित वनों पर निर्भर करता है।

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World Forestry Day का उत्सव

World Forestry Day के दिन दुनिया भर के देशों में वनों के संरक्षण के उद्देश्य से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के साथ साथ स्थानीय स्तर पर भी विभिन्न कार्यक्रमों और वृक्षारोपण अभियान का भी आयोजन किया जाता है। हमारे जीवन में वनों के महत्व को समझाने के लिए हर साल दुनिया भर में इस तरह के कार्यक्रमों का आयोजन होता है।

आज के दिन सरकारों के सहयोग से United Nations Forum for Forest और The Food and Agriculture Organization (FAO), वनों पर सहयोगात्मक साझेदारी और क्षेत्र में अन्य संबंधित संगठन इन कार्यक्रमों के आयोजक हैं।

भले ही पौधे हमें बिना किसी तुलना के पारिस्थितिक, आर्थिक, सामाजिक और स्वास्थ्य लाभ प्रदान करते हैं। लेकिन फिर भी वैश्विक वनों की कटाई खतरनाक दर पर जारी है। इसलिए, सभी के लिए यह आवश्यक हो जाता है कि वह खुद वनों को बचाने और साथ-साथ नए पौधे लगाने की ज़िम्मेदारी लें। World Forestry Day 2021 पर वनों को बचाने के महत्व के बारे में जागरूकता फैलाएं।

 

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