World No Tobacco Day: कोरोना काल में धूम्रपान करने वाले लोगों की आधिक मौत, तंबाकू एक मीठा जहर है, जानें इसके घातक नुकसान

विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ.हर्षवर्धन ने बताया कि तंबाकू और खासकर धूम्रपान करने वाले लोगों को कोविड के कारण होने वाले घातक परिणामों जिसमें मृत्यु भी शामिल है

नई दिल्ली: विश्व तंबाकू निषेध दिवस (World No Tobacco Day) के अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ.हर्षवर्धन (Dr. Harsh Vardhan) ने बताया कि तंबाकू और खासकर धूम्रपान करने वाले लोगों को कोविड के कारण होने वाले घातक परिणामों जिसमें मृत्यु भी शामिल है का 40-50% ज्यादा जोखिम होता है। इससे सिर्फ फेफड़े, हृदय और कैंसर जैसी बीमारियां ही नहीं बल्कि शरीर के हर अंग पर दुष्प्रभाव पड़ता है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने बोला कि भारत में हर वर्ष लगभग 13,00,000 के करीब मौतें तंबाकू और धूम्रपान के कारण होती हैं जो लगभग 3,500 मौतें प्रतिदिन है। खासकर भारत में पिछले वर्षों के अध्ययन बताते हैं कि तंबाकू का इस्तेमाल करने वालों की संख्या में 6% कमी आई है। यह 34.6% से 28.6% हो गया है।

31 मई को दुनिया भर में हर साल विश्व तंबाकू निषेध दिवस (World No Tobacco Day) मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य तंबाकू सेवन के व्यापक प्रसार और नकारात्मक स्वास्थ्य प्रभावों की ओर ध्यान आकर्षित करना है, जो वर्तमान में दुनिया भर में हर साल 70 लाख से अधिक मौतों का कारण बनता है, जिनमें से 890,000 गैर-धूम्रपान करने वालों का परिणाम दूसरे नंबर पर हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के सदस्य राज्यों ने 1987 में विश्व तंबाकू निषेध दिवस बनाया। पिछले 21 सालों में दुनिया भर में सरकारों, सार्वजनिक स्वास्थ्य संगठनों, धूम्रपान करने वालों, उत्पादकों से उत्साह और प्रतिरोध दोनों मिले हैं।

तंबाकू एक मीठा जहर है

तंबाकू एक प्रकार के निकोटियाना प्रजाति के पेड़ के पत्तों को सुखा कर नशा करने की वस्तु बनाई जाती है। दर सल तंबाकू एक मीठा जहर है, तंबाकू निकोटिया टैबेकम पौधे से प्राप्त किया जाता है एक धीमा जहर हौले-हौले यह आदमी की जान लेता है। सरकार को भी शायद यह पता नहीं कि तंबाकू से वह राजस्व प्राप्त करनी है, यह बात तो सही है किंतु यह भी सही है कि तंबाकू से उत्पन्न रोगों के इलाज पर जितना खर्च किया जाता है, यह राजस्व उससे कहीं कम है।

बसे बड़ी बात तो यह है कि तंबाकू के सेवन से जीवनी शक्ति का भी ह्रास होता है। व्यक्ति को पता चल जाता है कि तम्बाकू का सेवन हानिकारक है किंतु बाद में लाख छुड़ाने पर भी यह लत छूटती नहीं। सो धीरे-धीरे उसमें जीवनी शक्ति भी कम होती जाती है और वह अपने आपको एक तरह से विनाश के हवाले भी कर देता है। व्यक्ति को पता चल जाता है कि तंबाकू का सेवन हानिकारक है किंतु बाद में लाख छुड़ाने पर भी यह लत छूटती नहीं। सो धीरे-धीरे उसमें जीवनी शक्ति भी कम होती जाती है।

बीड़ी-सिगरेट पीने के नुकसान

बीड़ी-सिगरेट के पीने से शरीर में व्यापक प्रभाव पड़ता है। इसके कारण हृदय के धमनियों में रक्त प्रवाह कम हो सकता है। हृदय रोग जैसे मायोकोर्डियल इनर्फाकशन तथा अनजाइना हो सकता है। रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) बढ़ सकता है। साँस की बीमारी जैसे ब्रोंकाइटीस, दमा, तथा फेफड़ो का कैंसर हो सकता है। इसके अतिरिक्त इसका प्रभाव शरीर के स्नायुतंत्र में पड़ता है। इसकी और बहुत सी हानियां हैं।

किशोरावस्था में उत्सुकता वश या मित्रों के साथ इन पदार्थो का सेवन शुरू होता है फिर इसके नशा का आनन्द आने लगता है। इसकी मात्रा बढ़ाई जाती है। जो लोग बार-बार लोग इसका सेवन करते है, उनका शरीर इस मादक पदार्थ का आदी हो जाता है और फिर वह उसको छोड़ नहीं पाते। छोड़ने से कई प्रकार के लक्षण जैसे- बेचैनी, घबराहट होने लगती है। इस कारण लोग इसके आदी हो जाते है, उसी प्रकार जैसे लोग शराब या अन्य पदार्थों के आदी हो जाते है।

सिगरेट पीने वाले सिगरेट द्वारा न केवल स्वयं को शारीरिक हानि पहुंचा रहे है बल्कि अप्रत्यक्ष रूप से (पैसिव स्मोंकिंग द्वारा) परिवार और बच्चों में भी तम्बाकू का विष पहुँचा रहे हैं। यह सब जानते हुए भी वह इनका सेवन बंद नही कर पाते। जब भी वह इसका सेवन बंद करते है, तो उन्हें इतनी बेचैनी होती है कि वे उनका फिर से सेवन शुरू कर देते है।

सिगरेट छोड़ने के उपाय

इसके लिए आवश्यक्ता है कि व्यक्ति खुद को तैयार करे कि वह एक निश्चित दिन से धुम्रपान करना बंद कर देगा। इसकी घोषणा पूरे परिवार में कर दे। निश्चित दिन के पहले घर से सिगरेट पाउच, एशट्रे, आदि धुम्रपान वस्तुओं को फेंक दे। निश्चित दिन में धुम्रपान करना बंद कर दे। यदि धुम्रपान करने की इच्छा हो तो अपने को सांत्वावना दे। अधिक से अधिक पानी पीएँ। ऐसा करके आप धुम्रपान करना छोड़ सकते हैं। यह बहुत कुछ आपके इच्छा शक्ति पर निर्भर करता है।

धूम्रपान वाले तंबाकू के प्रकार-

  • बीड़ी
  • सिगरेट
  • सिगार
  • चैरट (सिगार)
  • चुट्टा
  • चुट्टे को उल्टा पीना
  • धुमटी
  • धुमटी को उल्टा पीना
  • हुकली
  • चिलम
  • हुक्का

ओडिशा के पुरी में सैंड आर्टिस्ट सुदर्शन पटनायक ने ‘विश्व तंबाकू निषेध दिवस’ पर रेत की कलाकृति के जरिये तंबाकू छोड़ने का संदेश दिया है। उन्होंने कहा, ”इस बार की थीम है ‘जो छोड़ देंगे वे ही विजेता होंगे’। इसे बनाने में 5 टन रेत का इस्तेमाल किया गया है।

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