लखनऊ में साहित्यकारों को धूमधाम से किया गया सम्मानित, कार्यक्रम में कई बड़ी हस्ती रही मौजूद

लखनऊ। इस रविवार आठ अप्रैल २०१८ को लखनऊ के माहानगर स्थित सचिवालय कॉलोनी के सचिवालय क्लब सभागार में ‘मंजिल ग्रुप साहित्यिक मंच’ का अति विशिष्ट सम्मान समारोह आयोजित हुआ | यह विशेष साहित्यिक कार्यक्रम सरस्वती बंदना और राष्ट्रगीत से शुरुआत किया गया लखनऊ के वरिष्ठ साहित्यकार कहनीकार लेखक पत्रकार श्री दयानंद पाण्डेय जी के मुख्य आतिथ्य और वरिष्ठ साहित्यकार श्री पवन पुत्र बादल जी की अध्यक्षता में सम्पन हुआ |

इस मौके पर इस कार्यक्रम में लखनऊ के कई अति-विशष्ट लोग भी मौजूद रहे। जिनमें से दुर्गा प्रसाद दूबे और शाश्वत पाठक जी काफी खास रहे। आपको बताते चले कि  वरिष्ठ साहित्यकार डॉ.त्रिवेनी प्रसाद दूबे ‘मनीष’ को ५००० ग्रीन कार्ड मगसम के श्रोताओं द्वारा प्रदान किए जाने के पर ‘लाल बहादुर शास्त्री साहित्य रत्न सम्मान’ सम्मानित करते हुए,शाल पगड़ी पहनाकर प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया |कानपुर के श्री हरी मिलन जी एवं अहमद निसार जी ‘रचना स्वर्ण प्रतिभा सम्मान’ से सम्मानित हुए | इनके अतिरिक्त डॉ. किरन मराली जी , शीला पांडेय जी और सुधा आदेश जी को ‘रचना रजत प्रतिभा सम्मान’ , राजेश कुमार द्विवेदी जी, धनानंद पांडेय मेघ जी को शतकवीर सम्मान तथा श्री विजय प्रसाद त्रिपाठी जी को शतकशिरोमणि सम्मान और रमेश चन्द्र श्रीवास्तव जी को ‘शतकवीर सम्मान’ तथा रीता पंकज शुक्ला जी को ‘रचना प्रतिभा सम्मान’ सम्मानित किया गया |

यह विशिष्ट कार्यक्रम मंजिल ग्रुप साहित्यिक मंच के लखनऊ कार्यालय के द्वारा श्री परमानंद पाण्डेय,संयोजक और लखनऊ/इलाहाबाद कानपुर के प्रभारी के संयोजन में और मगसम की राष्ट्रीय संयोजक ‘श्री सुधीर सिंह सुधाकर’ जी की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित हुआ | उसके विशिष्ट सत्र में कतिपय रचनाकारों ने माँ पर आधारित रचनाओं का पठन अन्य रचनाकारों द्वारा किया गया | मुख्य अतिथि श्री दयानंद पाण्डेय जी ने अपने संबोधन में साहित्य सृजन के प्रासंगिक महत्व पर तथा लालबहदुर शास्त्री जी के जीवन पर प्रकाश डाला | श्री पवन पुत्र बादल जी ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में मगसम के उद्देश्यों और लक्ष्यों को सबके सम्मुख स्पष्ट रूप से प्रस्तुत किया | समारोह के अंत में मगसम के लखनऊ कार्यालय के प्रभारी एवं लखनऊ के संयोजक श्री परमानंद पांडेय जी ने धन्यवाद ज्ञापन में मंचासीन समारोह के मुख्य अतिथि श्री दयानंद पांडेय सहित सभी अतिथि को एवं सभी सम्मानित साहित्यकारों को बधाई और समारोह में उपस्थित सभी लोगों के प्रति आभार और धन्यवाद व्यक्त किया | सामारोह का समापन भारत के राष्ट्रगान के सामूहिक गान से हुआ|

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