हरियाणा में वर्ष 2021 को ‘सुशासन परिणाम वर्ष’ के रूप में मनाया जाएगा

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा है कि वर्ष 2021 को 'सुशासन परिणाम वर्ष' के रूप में मनाया जाएगा

चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा है कि वर्ष 2021 को ‘सुशासन परिणाम वर्ष’ के रूप में मनाया जाएगा तथा इस दौरान वर्ष 2020 के ‘सुशासन संकल्प वर्ष’ में सुशासन हेतु किए गए अनेक आईटी सुधारों का सफल कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए फील्ड अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जाएगा ताकि राज्य के लोगों को नागरिक केंद्रित सेवाओं का वितरण समयबद्ध और परेशानी मुक्त तरीके से किया जा सके।

खट्टर ने यहां सूक्ष्म सिंचाई से हर खेत में पानी योजना की भी घोषणा की जिसके तहत किसानों को उनके खेत पर ही नहरी पानी आधारित तथा सीवरेज शोधन संयंत्र (एसटीपी) द्वारा उपचारित पानी सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के माध्यम से उपलब्ध होगा। इसकी शुरुआत एक जनवरी, 2021 से पॉयलट परियोजना के आधार पर होगी। नौ एसटीपी के लिये महेंद्रगढ़ (नारनौल), चरखी दादरी, भिवानी तथा फतेहाबाद जिलों की नहरों को चयनित किया गया है। परियोजना के पहले चरण में लगभग 600 करोड़ रूपये की अनुमानित लागत आएगी।

ऑनलाइन शुल्क का भुगतान

उन्होंने हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग एवं हरियाणा लोक सेवा आयोग में आवेदन के लिए वन टाईम पंजीकरण की शुरुआत की। इसके तहत, सरकारी पदों के लिए आवेदन करने वाले आवेदकों को एक जनवरी 2021 से अलग पद के लिए अलग भुगतान नहीं करना होगा। आवेदक को एक बार पंजीकरण करना होगा और तीन साल में एक बार ऑनलाइन शुल्क का भुगतान करना होगा। हालांकि, तीन साल बाद, यदि कोई आवेदक सरकारी पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा देना चाहता है तो उसे नए सिरे से पंजीकरण करना होगा।

मुख्यमंत्री ने अर्जुन आवार्डी, द्रोणाचार्य आवार्डी तथा ध्यानचंद आवार्डियों के मानदेय में वृद्धि तथा तेनजिंग नोरगे अवार्डी और भीम अवार्डियों को मानदेय प्रदान करने की भी घोषणा की। अर्जुन, द्रोणाचार्य और ध्यानचंद अवार्डियों का मानदेय 5000 रुपये मासिक से बढ़ाकर 20,000 रुपये मासिक किया गया है जो एक जनवरी 2021 से मिलेगा। इस फैसले से प्रदेश भर के 80 अर्जुन अवार्डी, 15 द्रोणाचार्य अवार्डी तथा नौ ध्यानचंद अवार्डी लाभान्वित होंगे।

हरियाणा सरकार ने राज्य के

इसके अलावा, हरियाणा सरकार ने राज्य के तेनजिंग नोर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार विजेताओं को अर्जुन अवार्ड विजेताओं की तरह अब 20,000 रुपये प्रति माह की दर से मानदेय देने का निर्णय लिया है। इस निर्णय से राज्य के तीन अवार्डी लाभान्वित होंगे। साथ ही,अब सरकार द्वारा राज्य के सभी भीम पुरस्कार विजेताओं को भी 5,000 रुपये प्रति माह की दर से मानदेय दिया जायेगा। इस निर्णय से राज्य के 130 भीम अवार्डी लाभान्वित होंगे।

उन्होंने बागवानी फसलों के लिए मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना की घोषणा की। इसके तहत किसानों की फसलों में प्रतिकूल मौसम और प्राकृतिक आपदाओं के कारण होने वाले नुकसान की भरपाई की जाएगी। योजना के तहत 20 फसलें शामिल की गई हैं जिनमें 14 सब्जियां टमाटर, प्याज, आलू, फूलगोभी, मटर, गाजर, भिण्डी, घीया, करेला, बैंगन, हरी मिर्च, शिमला मिर्च, पतागोभी, मूली, दो मसाले हल्दी और लहसुन) और चार फल आम, किन्नू, बेर, अमरूद हैं।

योजना के तहत फसलों की आश्वसत राशि 30,000 रुपये प्रति एकड़ सब्जियों और मसालों और फलों के लिए 40,000 रुपये प्रति एकड़ होगी। इसमें किसान का योगदान/ हिस्सा आश्वसत राशि का केवल 2.5 प्रतिशत होगा।

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