मुजफ्फरनगर दंगों से जुड़े 18 केस वापस लेगी योगी आदित्यनाथ सरकार

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने जिला प्रशासन को 2013 के मुजफ्फरनगर दंगों से संबंधित 131 मामलों में से 18 के लिए आवेदन वापस लेने का निर्देश दिया है। यह 9 महीने बाद आया है जब राज्य सरकार ने इस मामले में केसों को वापस लेने के बारे में जिला प्रशासन से राय मांगी थी।

समाचार एजेंसी PTI को सूत्रों ने बताया कि राज्य के विशेष कानून सचिव जेजे सिंह ने मुजफ्फरनगर के जिला मजिस्ट्रेट राजीव शर्मा को 18 मामलों को वापस लेने का आदेश दिया है।इस पर बात करते हुए जिला प्रशासन के वकील राजीव शर्मा ने कहा कि उन्हें मुजफ्फरनगर दंगों के 18 मामलों में नाम वापसी का आवेदन मिला है और यह जल्द ही रिकॉर्ड की जांच के लिए अदालत को भेजा जाएगा।

इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, उन्होंने कहा, ‘तीन दिन पहले मुझे राज्य के कानून विभाग से मुजफ्फरनगर दंगों के 18 मामलों में नाम वापसी का आवेदन मिला। अभिलेखों की जांच के बाद इसे जल्द ही अदालत में भेजा जाएगा। ये मामले दंगा, आर्म्स एक्ट और डकैती के आरोपों के तहत दर्ज किए गए थे। कोई भी जनप्रतिनिधि उनमें से किसी में भी आरोपी नहीं है।’

अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (प्रशासन) अमित सिंह ने और जानकारी देते हुए कहा कि आवेदनों को संबंधित न्यायालयों में सरकारी काउंसल के माध्यम से स्थानांतरित किया जाएगा। सिंह ने कहा, ‘ये 18 मामले उन लोगों में से हैं, जिन पर सरकार ने केस वापसी पर राय सहित विवरण मांगा था।’2013 में मुजफ्फरनगर और आस-पास के इलाकों में हिंसा और झड़पें हुई थीं, जिसके परिणामस्वरूप कम से कम 60 लोगों की मौत हुई थी और कई अन्य लोग विस्थापित हो गए थे। इन केसों में विधायक संगीत सोम और उमेश मलिक, सांसद संजीव बाल्यान और भारतेंद्र सिंह सहित कई बीजेपी नेता भी नामजद है।

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