अखिलेश यादव का योगी सरकार पर आरोप, आजम खान के खिलाफ कर रही साजिश

लखनऊ। योगी सरकार द्वारा सपा के दिग्गज नेता और पूर्व मंत्री आजम खान पर की जा रही कार्रवाई को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बीजेपी पर निशाना साधा है। उनका आरोप है कि सरकार स्वच्छ, ईमानदार और धर्मनिरपेक्ष छवि के वरिष्ठ समाजवादी नेता आजम खान के खिलाफ साजिश रच रही है।

अखिलेश यादव

इतना ही नहीं अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि सूबे की सरकार बदले की भावना से विपक्ष को बदनाम करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने साफ किया कि जल निगम में होने वाली भर्तियों से आजम खान का कोई लेना देना नहीं है। ये सब आरोप उन्हें बदनाम करने के लिए लगाये जा रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि बीजेपी को अपने नेताओं के कारनामे देखने चाहिए जो खुलेआम भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहें हैं। समाजवादी सरकार के समय की भर्तियों पर रोक लगाकर बीजेपी ने घटिया मानसिकता का परिचय दे दिया है।

उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेताओं को चुन-चुनकर अपमानित करने का काम किया जा रहा है। जब से बीजेपी सत्ता में आई है, तब से किसी को रोजगार नहीं मिल है। उन्होंने कहा कि बीजेपी की नीति और नियत, दोनों में खोट है। उनका एजेंडा गरीब, नौजवान, अल्पसंख्यक विरोधी है। विपक्षी नेताओं पर झूठे इल्जाम लगाने वाली बीजेपी को खुद अपने कारनामे देखने चाहिए। राज्य मंत्रिमंडल के दो मंत्री खुलेआम बीजेपी सरकार में भ्रष्टाचार बढ़ने की बात कर रहे हैं। जनता की निगाहों में अब बीजेपी सरकार की साख गिर चुकी है।

क्या है मामला 

आपको बता दें कि सपा के शासनकाल में कैबिनेट मंत्री रहे आजम खान जल निगम बोर्ड के चेयरमैन भी थे। वर्ष 2016 में नियमों को ताख पर रखते हुए 122 सहायक अभियंता, 853 अवर अभियंता, 335 नैतिक लिपिक व 32 आशुलिपिक समेत 1300 पदों पर भर्तियां की गई थीं।

इन सभी भर्तियों को लेकर वित्त विभाग से मंजूरी भी नहीं ली गई थी। सभी भर्तियां जल निगम के चेयरमैन के स्तर पर ही कर दी गईं। इसं सभी पर आजम खान के हस्ताक्षर मिले हैं। वहीँ योगी सरकार ने अनिमियतता पाते हुए सभी 122 सहायक अभियंताओं को पहले ही बर्खास्त कर चुकी है।

वहीँ इसके अलावा मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के लिए चकरोड और ग्राम समाज की जमीन लेने के मामले में राजस्व परिषद उत्तर प्रदेश ने आजम खान के खिलाफ चार मुकदमे चलाने को मंजूरी दे दी है।

 

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