योगी सरकार ने अभिभावकों को दी ये राहत, अभिभावकों की जेब नहीं होगी अब ज्यादा ढीली

अब स्कूल और घर के डिस्टेंस के हिसाब से नया किराया तय किया गया

योगी सरकार ने बच्चों की स्कूल बस का किराया फिक्स कर दिया है. सरकार के इस फैसले के बाद अब स्कूल प्रशासन बसों के लिए मनमानी फीस नहीं वसूल सकेगी. क्योंकि अब स्कूल और घर के डिस्टेंस के हिसाब से नया किराया तय किया गया है. इसी के साथ सरकार ने हर साल किराया तय करने का फॉर्मूला दिया है

42 सीटर बसों का किराया तय

बता दें स्कूल बस का किराया मेनटेनेंस खर्च के हिसाब से तय किया जाएगा. साल 2020-21 को आधार बनाते हुए स्कूल बस का मेनटेनेंस चार्ज 1648 रुपये तय किया गया है. प्रदेश के 13 मंडलों में ज्यादातर स्कूल बसें 42 सीटर हैं. इसमें 5 सीटें और जोड़ते हुए 47 सीटों की कैपेसिटी मानकर यह मेनटेनेंस चार्ज तय किया गया है.

इस रेट के हिसाब से ली जाएगी फीस

बताया जा रहा है कि अगर बच्चे का घर स्कूल से 5 किलोमीटर की दूरी तक है, तो उससे मेनटेनेंस कॉस्ट का 50 प्रतिशत और 50 से 10 किलोमीटर वालों के लिए इसका 100 फीसदी शुल्क लिया जा सकता है. वहीं, अगर 10 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी है तो 25 फीसदी ज्यादा तक फीस ली जा सकती है. बता दें, जिला विद्यालय वाहन सुरक्षा समिति हर साल जुलाई महीने में किराया तय करेगी. इस साल प्रदेश स्तर पर अनुरक्षण व्यय 1648 रुपये रखा गया है.

Related Articles