बुंदेलखंड के किसानों की बदहाली के लिये योगी सरकार जिम्मेदार: लल्लू

एक तरफ प्राकृतिक आपदा दूसरी तरफ राज्य सरकार के दोहरे चरित्र एवं किसान विरोधी रवैये के चलते किसानों की स्थिति दयनीय होती जा रही है।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने सोमवार को कहा है कि बुंदेलखंड के किसानो की बदहाली के लिये योगी सरकार जिम्मेदार है। लल्लू ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर कहा है कि बुंदेलखंड के किसानों पर दोहरी मार पड़ रही है। एक तरफ प्राकृतिक आपदा दूसरी तरफ राज्य सरकार के दोहरे चरित्र एवं किसान विरोधी रवैये के चलते किसानों की स्थिति दयनीय होती जा रही है।

किसानों को सिंचाई के वास्ते निजी नलकूपो के कनेक्शन पर समस्त औपचारिकता पूर्ण करने एवं बिजली विभाग द्वारा सत्यापन हो जाने के बाद भी विगत जुलाई माह से सरकार द्वारा पूर्व निर्धारित सब्सिडी न मिलने से फसलों की सिंचाई के संकट का सामना करना पड़ रहा।

उन्होने कहा कि 530 किसानों द्वारा सामान्य योजना के अन्तर्गत निजी नलकूप के लिये आवेदन किया था। बिजली विभाग द्वारा किसानों से औपचारिकताएं पूर्ण कराने व सभी शर्तो को मंजूर करने के बाद भी सरकार द्वारा मात्र 68 हजार की सब्सिडी उपलब्ध न कराने के चलते निजी नलकूप कनेक्शन नही हो पाये। इसका नतीजा ये है कि वे फसलों की सिंचाई की समस्या से दो चार होने को विवश हो रहे है।

सरकार की किसान विरोधी मानसिकता, प्राकृतिक आपदा में राहत न मिलने, बीमा कंपनियों द्वारा किसानों से प्रीमियम वसूल कर भाग जाने, खराब बीज, छुट्टा जानवरो के कारण चौपट हुई। फसलों के लिये सरकारी राहत न मिलने ऊपर से बैंकों व साहूकारों के कर्ज के बोझ तले दबकर बुंदेलखंड के किसान आत्महत्या करने के लिये विवश होते रहे है। जुमलेबाजी कर किसानो के साथ छल करने वाली भाजपा सरकार के एजेंडे में किसानों के लिये न जगह है न चिंता है।

लल्लू ने कहा कि बुंदेलखंड के किसानों के साथ सरकार द्वारा घोर अन्याय किया जा रहा है। मात्र 68 हजार रुपये की छोटी सी धनराशि सरकार से न मिलने के कारण किसानों की जमा पूंजी अटक गई है। उनकी कृषि पर संकट है जिससे उनके परिवार घोर आर्थिक संकट का सामना कर आत्महत्या के लिये विवश हो सकते हैं।

आर्थिक संकट में गहरे फंसे किसानों पर बैंकों व साहूकारों का कर्ज अदायगी के लिये दबाव निरन्तर बना हुआ है मगर सरकार को उनकी चिंता नही है, कृषि बीमा करने वाली कम्पनियों की लूट को भी सरकार ने अनदेखा कर किसानों को बदहाली के लिए विवश कर दिया है।

यह भी पढ़ें- मेरठ में ट्रांसपोर्टर के बेटे का अपहरण, 50 लाख की मांगी रकम

Related Articles

Back to top button