योगी सरकार की नई आबकारी नीति, घरों में रखना है शराब तो करें इन नियमों का पालन

उत्तर प्रदेश में अब लोगो को घरों में शराब रखने के लिए लाइसेंस लेना बेहद जरुरी होगा। योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट बैठक में नई आबकारी नीति पर फैसला लिया है।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में अब लोगो को घरों में शराब रखने के लिए लाइसेंस लेना बेहद जरुरी होगा। योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट (Yogi Cabinet) बैठक में नई आबकारी नीति (New Excise Policy) पर फैसला लिया है। इसके मुताबिक, यूपी में अब कोई भी व्यक्ति देशी-विदेशी की तीन-तीन लीटर शराब (Liquor) और बीयर अपने घर में रख सकता है। इसके लिए लाइसेंस लेना जरुरी होगा। इसे वैयक्तिक होम लाइसेंस का नाम दिया गया है।

उत्तर प्रदेश में चंडीगढ़ की तर्ज पर वैयक्तिक होम लाइसेंस की योजना लागू की गई है। निजी प्रयोग या पर्सनल बार (Personal Bar) के लिए भी फुटकर सीमा से अधिक शराब रखने के लिए लाइसेंस (Liquor License) लेने का प्रावधान किया गया है। वैयक्तिक होम लाइसेंस लेने के लिए 12 हजार रुपये फीस और 51 हजार रुपये जमानत राशि देनी होंगी। राजस्व में आबकारी विभाग से मिलने वाले छह हजार करोड़ रुपए की वृद्धि कर 34,500 करोड़ के राजस्व मिलने का लक्ष्य बनाया है।

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लाइसेंस फीस में 7.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी

राजस्व में आबकारी विभाग से वर्ष 2021-22 में देशी, विदेशी शराब (Liquor) की फुटकर दुकानों और मॉडल शॉप के लिए वार्षिक लाइसेंस फीस में 7.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। इस फैसले के बाद से प्रदेश सरकार को तकरीबन छह हजार करोड़ रुपए की बढ़ोतरी से 34,500 करोड़ के राजस्व मिलने का लक्ष्य बनाया है। बीयर की फुटकर दुकान लाइसेंस फीस में कोई बदलाव नहीं किए गए है।

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नई नीति के तहत प्रदेश में देसी-अंग्रेजी शराब के अलावा बीयर और भांग की फुटकर दुकान सहित मॉडल शॉप के लाइसेंस रिन्यू करने होंगे। जुलाई से मार्च 2021 तक तय कोटा उठाने वाली दुकानों के लाइसेंस रिन्यू होंगे। देसी और अंग्रेजी शराब की फुटकर दुकान व मॉडल शॉप की लाइसेंस की फीस में 7.5 फीसदी बढ़ोतरी की गई है।

 

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