योगी ने विश्व में सामने आए नए वायरस से सतर्कता बरतने के निर्देश दिए

योगी आदित्यनाथ ने विश्व में सामने आए कोरोना वायरस के नए स्वरूप के दृष्टिगत पूरी सावधानी एव सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्व में सामने आए कोरोना वायरस के नए स्वरूप के दृष्टिगत पूरी सावधानी एव सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जिन देशों में वायरस का नया स्वरूप सामने आया है, ऐसे देशों से पिछले 15 दिन में प्रदेश में आए लोगों की काॅन्टैक्ट ट्रेसिंग तथा क्वारंटीन की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

योगी आज यहां लोक भवन में आहूत एक उच्चस्तरीय बैठक में अनलाॅक व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक जिले में स्थानीय प्रशासन यह सुनिश्चित करें कि विदेश से आए लोगों की काॅन्टैक्ट ट्रेसिंग अनिवार्य रूप से की जाए। उन्होंने कहा कि कोरोना के नए स्वरूप को ध्यान में रखते हुए विगत 15 दिनों के दौरान प्रदेश में विदेश से आए लोगों की जांच की जाए। उन्होंने इस सम्बन्ध में स्वास्थ्य विभाग को एक हेल्पलाइन नम्बर जारी करने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि प्राइवेट लैब्स द्वारा आरटीपीसीआर की जांच के सम्बन्ध में किसी भी दशा में 700 रुपये प्रति जांच से अधिक की फीस ना ली जाए। यदि व्यक्ति का सैम्पिल घर से कलेक्ट किया जाता है, तो 900 रुपये का जांच शुल्क लिया जाए। उन्होंने अधिकारियों को इस व्यवस्था का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश सरकार

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में कोविड-19 की 95.68 प्रतिशत रिकवरी दर पर संतोष व्यक्त करते हुए इसे और बेहतर करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार लोगों को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसलिए इस दिशा में सभी प्रयास निरन्तर जारी रखे जाएं।
उन्होंने कहा कि कोविड चिकित्सालयों की व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरूस्त बनाए रखा जाए।

कोविड अस्पतालों में औषधियों, मेडिकल उपकरण तथा ऑक्सीजन की बैकअप सहित सुचारु उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कोरोना के बचाव के सम्बन्ध में लोगों को निरन्तर जागरूक किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि ई-संजीवनी एप का व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग इसके माध्यम से ऑनलाइन चिकित्सीय परामर्श का लाभ प्राप्त कर सके। गौरतलब है कि प्रदेश में ई-संजीवनी एप का उपयोग करने वालों की संख्या अब तक तीन लाख से अधिक हो गई है।

बैठक में चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना, स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह, मुख्य सचिव आर के तिवारी, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त आलोक टण्डन, कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा, अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी, अपर मुख्य सचिव राजस्व श्रीमती रेणुका कुमार, अपर मुख्य सचिव वित्त संजीव मित्तल, अपर मुख्य सचिव एमएसएमई तथा सूचना नवनीत सहगल,प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एवं सूचना संजय प्रसाद, प्रमुख सचिव पशुपालन भुवनेश कुमार, सचिव मुख्यमंत्री आलोक कुमार, सूचना निदेशक शिशिर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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