केरल में Zika virus का खतरा, 21 मामले बढ़े, ये है लक्षण और बचाव

केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने बताया की राज्य में जीका वायरस के दो और मामले सामने आए है अब कुल 21 मामले हो गए हैं

तिरुवनन्तपुरम: देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर की रफ्तार धीमी पड़ी तो केरल में जीका वायरस (Zika virus) का कहर मंडराने लगा है। केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने जानकारी देते हुए बताया की राज्य में जीका वायरस के दो और मामले सामने आए है। अब राज्य में जीका वायरस के कुल 21 मामले हो गए हैं।

जिका वायरस, फ्लाविविरिडए वायरस परिवार से है। जो दिन के समय सक्रिय रहते हैं। ये इंसानों में यह मामूली बीमारी के रूप में जाना जाता है, जिसे जिका बुखार, जिका या जिका बीमारी कहते हैं। 1947 के दशक से इस बीमारी का पता चला। यह अफ्रीका से एशिया तक फैला हुआ है। यह 2014 में प्रशांत महासागर से फ्रेंच पॉलीनेशिया तक और उसके बाद 2015 में यह मेक्सिको, मध्य अमेरिका तक भी पहुंच गया।

Zika virus के लक्षण

  • इसके लक्षण डेंगू बुखार की ही तरह होते हैं। अधिकांश मामलों (60-80%) में कोई लक्षण नहीं दिखते। यदि कुछ लक्षण दिखते हैं तो वे लक्षण अमूमन इस प्रकार के हो सकते हैं-
  • बुखार, लाल आंखें, जोड़ों में दर्द, सिरदर्द, लाल चकत्ते। आम तौर पर लक्षण हल्के और 7 दिनों से भी कम रहते हैं। 2015 में इस आरंभिक संक्रमण से कोई मृत्यु नहीं हुई है।
  • जिका बुखार मुख्यतया एडीज प्रकार के मच्छर (Mosquito) के काटने से फैलता है। शारीरिक संबंध बनाने और खून चढ़ाने से भी इसके फैलने की संभावना रहती है। यह रोग गर्भवती मां से गर्भस्थ शिशु में जा सकता है वर्टिकली ट्रांसमिटेड इंफेक्शन और शिशु के सिर के अपूर्ण विकास की वजह बन सकता है।
  • इस रोग की पहचान के लिए होने वाली जांचों में रक्त, मूत्र या लार संबंधी परीक्षण शामिल हैं, जो बीमार व्यक्ति में इस वायरस के RNA के होने का पता लगाने के लिए की जाती हैं।

वायरस का निवारण

  • जीका वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए दिन और शाम के समय मच्छरों के काटने से बचाव एक प्रमुख उपाय है।
  • गर्भवती महिलाओं, प्रजनन आयु की महिलाओं और छोटे बच्चों के बीच मच्छरों के काटने की रोकथाम पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
  • व्यक्तिगत सुरक्षा उपायों में हल्के रंग का कपड़े पहनना शामिल है जो शरीर को जितना संभव हो उतना कवर करता है।
  • छोटे बच्चों और गर्भवती महिलाओं को मच्छरदानी के नीचे सोना चाहिए यदि दिन में या शाम को सोते हैं।
  • यात्रियों और प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मच्छरों के काटने से खुद को बचाने के लिए ऊपर बताई गई वही बुनियादी सावधानी बरतनी चाहिए।
  • एडीज मच्छर घरों, स्कूलों और कार्य स्थलों के आसपास पानी के छोटे संग्रह में प्रजनन करते हैं। इन मच्छरों के प्रजनन स्थलों को खत्म करना महत्वपूर्ण है, जिनमें शामिल हैं- जल भंडारण कंटेनरों को ढंकना, फूलों के बर्तनों में खड़े पानी को निकालना, और कचरे को साफ करना और टायर का इस्तेमाल करना।
  • जीका वायरस संक्रमण की रोकथाम या उपचार के लिए अभी तक कोई टीका उपलब्ध नहीं है। जीका वैक्सीन का विकास अनुसंधान का एक सक्रिय क्षेत्र बना हुआ है।

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