हाथी के सहयोग से साइकिल का मुकाबला करेंगे बागी भाजपा विधायक

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गोरखपुर। जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी के प्रत्याशी और भाजपा के बागी विधायक विजय बहादुर यादव के भाई अजय बहादुर अपनी किस्मत अजमा रहे हैं। अपने भाई को जिताने के लिए बीजेपी विधायक अब आर पार की लड़ाई में हैं।

बीएसपी का मिला समर्थन
बीजेपी विधायक अब इस लड़ाई में अकेले नहीं रह गए हैं। उन्हेंय बीएसपी का भी समर्थन मिल गया है। जिला पंचायत के अध्यक्ष पद की सीधी टक्कर अब सपा प्रत्याशी गीतांजलि यादव और बसपा समर्थित अजय बहादुर यादव के बीच होगा।

सपा से गहराई दोस्ती
बागी भाजपा विधायक विजय बहादुर यादव सपा से बेहद करीब हो गये थे। वे सपा के मंचों पर भी नजर आने लगे थे। यह लगभग तय हो गया था कि गोरखपुर ग्रामीण विधानसभा के लिये सपा के प्रत्याशी विजय बहादुर ही होंगे। इस बात से कई स्थानीय वरिष्ठ सपा नेता नाराज चल रहे थे।

भाई के लिये बिगड़ी बात
कभी भाजपा सांसद योगी आदित्यनाथ के आंखों की पुतली रहे विधायक विजय बहादुर अब योगी को फूटी आंख नहीं सुहाते। संसदीय चुनाव में विजय बहादुर पर योगी के साथ धोखे का भी आरोप है। ऐसे में बागी भाजपा विधायक ने सपा उम्मीदवार के रूप में तैयारी शुरू कर दी थी। भाई अजय को सपा से ही जिला पंचायत का टिकट दिलाना चाहते थे, लेकिन पार्टी ने पुराने कार्यकर्ता मनुरोजन यादव की पत्नी को टिकट दे दिया।

कांटे की लड़ाई
जिला पंचायत चुनाव में योगी और भाजपा से जुड़े सदस्य इस बार सपा के साथ नजर आएंगे। विश्वस्त सूत्रों का दावा है कि बागी भाजपा विधायक पैसे की ताकत झोंककर हवा को काबू करने की कोशिश करेंगे। सपा प्रत्याशी पैसे के साथ सत्ता की ताकत का इस्तेमाल करेंगे। इस लड़ाई का सबसे बड़ा फायदा जिला पंचायत सदस्यों को मिलेगा और वे अच्छी कमाई कर सकेंगे।

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